बड़े सपनों से नहीं छोटे फैसलों से बदलती है जिंदगी, कितनी सच है Laksh Maheshwari की ये सोच

जिंदगी बड़े सपनों की चमक से नहीं, बल्कि उन छोटे-छोटे फैसलों की निरंतरता से बदलती और संवरती है जिन्हें हम हर दिन लेते हैं।

"एक उम्र तक लगता है कि जिंदगी सिर्फ बड़े फैसलों, बड़े डिसीजन से बदलती है कि भई कौन सा कॉलेज, कौन सी जॉब, किससे शादी। लेकिन थोड़ा सा बड़े होने के बाद यह बात समझ में आती है कि असल में जिंदगी छोटे-छोटे फैसलों से बदला करती है। कौन रोज फोन करता है? किसके मैसेज का हम रोज इंतजार करते हैं। कौन सी टेबल पर हम अकेले बैठकर खाना खाते हैं? कौन सी बातों को हम दिल से लगा लेते हैं?

Lakshya Maheshwari

क्यों बड़े सपनों से नहीं छोटे फैसलों से बदलती है जिंदगी

बड़े डिसीजंस हमारी जिंदगी का डायरेक्शन जरूर बदल देती हैं। लेकिन यही छोटे-छोटे फैसले हैं जो उन डिसीजंस का उन फैसलों का एहसास पूरा बदल दिया करती हैं। शायद इसीलिए हमें आगे चलकर पूरी जिंदगी तो याद नहीं रहती लेकिन वह लोग जरूर याद रहते हैं जिनके साथ जिंदगी हमने थोड़ी-थोड़ी उन छोटे-छोटे फैसलों में जी थी।"

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