हाल ही में भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल के तलाक की खबर ने सभी को चौंका दिया था, वह शादी के 7 साल बाद अपने पति पारुपल्ली कश्यप से तलाक ले रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपने तलाक की खबरों का ऐलान किया। साइना नेहवाल के बाद अब महिला पहलवान दिव्या काकरन के भी अपने पति से अलग होने का ऐलान किया है। लगातार आ रही तलाक की खबरों की वजह से लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर क्यों तलाक के मामले बढ़ते जा रहे हैं, क्या है इसके पीछे की वजह। चलिए जानते हैं।
क्यों बढ़ रहे तलाक के मामले (Photo: istock)
कितने बढ़े तलाक के मामले
क्यों हो रहे तलाक (Photo: istock)
भारत में तलाक के मामले बढ़ रहे हैं, हालांकि वैश्विक स्तर पर भारत में तलाक की दर अभी भी सबसे कम है। आंकड़ों की बात करें तो साल 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक भारत में लगभग 13.62 लाख लोग तलाकशुदा थे, जबकि 35 लाख ऐसे थे जो पति या पत्नी से अलग-अलग रह रहे थे। वहीं संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005 में भारत में तलाक लेने की दर 0.6% थी, जो 2019 में बढ़कर 1.1% तक पहुंच गई।
क्यों हो रहे तलाक, क्या है वजह
धोखा
तलाक की सबसे बड़ी वजह है घरेलू हिंसा और धोखा देना। जब एक पार्टनर दूसरे के प्रति वफादार नहीं रहता, चाहे वह शारीरिक हो या भावनात्मक, तो रिश्ते में विश्वास और सम्मान खत्म हो जाता है। विश्वास टूटने के बाद रिश्ते में वापस से भरोसा जता पाना मुश्किल होता है जिसकी वजह से रिश्ते टूट जाते हैं।
लड़की के माता-पिता का हस्तक्षेप
शादी के बाद आजकल लड़की के माता-पिता का हस्तक्षेप काफी बढ़ जाता है। छोटी छोटी बातों में लड़की के पेरेंट्स बोलते हैं जिसकी वजह से परिवार में विवाद खड़ा हो जाता है। जो समय के साथ और बढ़ता चला जाता है। आखिरी में बात तलाक तक पहुंच जाती है।
कॉम्युनिकेशन गैप
पति-पत्नी के बीच बातचीत की कमी या खराब संवाद रिश्ते को कमजोर कर देता है। जब पार्टनर एक-दूसरे से खुलकर बात नहीं करते, अपनी भावनाओं, ज़रूरतों और चिंताओं को व्यक्त नहीं कर पाते, तो गलतफहमी और दूरियां बढ़ने लगती हैं, जिससे रिश्ता टूट जाता है।
तलाक की वजह (Photo: istock)
आर्थिक समस्याएं
पैसे से जुड़े मतभेद और तनाव तलाक का एक बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। आय की अस्थिरता, खर्च करने की अलग-अलग आदतें, कर्ज या वित्तीय प्राथमिकताओं में अंतर के कारण अक्सर झगड़े होते हैं, जिससे रिश्ते में तनाव बढ़ता है।
तलाक के केस
- साल 2019 में 595 केस
- साल 2020 में 626 केस
- साल 2021 में 1212 केस
- साल 2022 में 1799 केस
- साल 2023 में 2446 केस
- साल 2024 में 2800 केस
