क्या साइकिलिंग से बदल सकती है भारत के शहरों की तस्वीर, विशेषज्ञों ने बताया क्यों जरूरी है बदलाव

World Bicycle Day: बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि साइकिलिंग भारत के शहरों को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और रहने योग्य बना सकती है। विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित सेमिनार में सुरक्षित साइकिल ट्रैक, बेहतर सुविधाओं और राष्ट्रीय साइकिलिंग नीति की जरूरत पर जोर दिया गया।

World Bicycle Day: दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहर आज दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं - बढ़ता वायु प्रदूषण और सड़कों पर लगातार बढ़ता ट्रैफिक। रोजाना घंटों जाम में फंसना और खराब हवा में सांस लेना अब लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान सिर्फ नई सड़कें बनाने या ज्यादा वाहन खरीदने में नहीं, बल्कि साइकिल जैसे सरल, सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल साधनों को बढ़ावा देने में भी छिपा है।

World Bicycle Day

साइकिलिंग से कैसे बदल सकती है भारत की तस्वीर

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में इसी विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश और विदेश के कई विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और शहरी परिवहन से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि साइकिलिंग भारत के शहरों को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और रहने योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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