Sapinda Marriage Explained: साल 1950 में जब हमारा संविधान लागू हुआ तो देश के हर नागरिक को कुछ मौलिक अधिकार दिये गए। इन मौलिक अधिकारों में से ही एक है शादी का अधिकार। संविधान के हिंदू मैरिज एक्ट 1955 (Hindu Marriage Act 1955) में साफ कहा गया है कि कोई भी वयस्क लड़का या लड़की अपनी मर्जी से किसी भी जाति या धर्म में शादी कर सकते हैं। हालांकि संविधान ने कुछ मामलों में शादी को असंवैधानिक बताया है। ऐसा ही एक मामला है सपिंड विवाह।
Sapinda Marriage: क्या है सपिंड विवाह जिसकी इन दिनों खूब हो रही चर्चा, जानिए कानून में क्यों अपराध है ऐसी शादी
