Social Media Day History and Significance: आज के समय में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। सोशल मीडिया कॉम्युनिकेशन,कनेक्टिविटी और सूचना पहुंचाने का सबसे आसान जरिया है। आज के समय में हर चीज की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिनटों में मिल जाती है। सोशल मीडिया लोगों को समाज से जोड़ने का भी काम कर रहा है। ऐसे में इसलिए हर साल 30 जून को सोशल मीडिया डे मनाया जाता है। इसकी शुरुआत मैशेबल (Mashable) नामक वैश्विक मीडिया और प्रौद्योगिकी कंपनी ने 2010 में की थी। उन्होंने इस तारीख को सोशल मीडिया के वैश्विक संचार पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव और उससे समाज पर पड़ने वाले बदलाव को स्वीकार करने और उसका जश्न मनाने के लिए चुना। ऐसे में चलिए जानते हैं सोशल मीडिया डे का इतिहास और इसका महत्व।
सोशल मीडिया डे का इतिहास
विश्व सोशल मीडिया दिवस की शुरुआत 2010 में वैश्विक मीडिया और प्रौद्योगिकी कंपनी मैशेबल (Mashable) द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में संचार पर सोशल मीडिया के गहरे प्रभाव को पहचानना और उसका जश्न मनाना था। हालांकि पहला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सिक्सडिग्री (SixDegrees), 1997 में एंड्रयू वेनरिच द्वारा लॉन्च किया गया था, जो उपयोगकर्ताओं को प्रोफाइल बनाने और दोस्तों के साथ कनेक्ट होने का मौका देता था। इसे 2001 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद फ्रेंडस्टर, माइस्पेस और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म काफी लोकप्रिय हुए।
सोशल मीडिया डे का महत्व
आज के समय में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। सोश मीडिया डे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के महत्व और उनसे समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। सोशल मीडिया ने व्यक्तिगत संचार, व्यापार और समाचार व जानकारी के प्रसार में क्रांति लाने का काम किया है। सोशल मीडिया के जरिए आज के समय में हर जानकारी आपको आसानी से मिल जाती है। यह हमें दुनिया भर के लोगों से जुड़ने, विचारों को साझा करने और रचनात्मकता को नई उड़ान देने का मंच देता है। यह उन लोगों की आवाज भी बन सकता है जो समाज की मुख्यधारा से अलग हैं।
