Shayari of the day: इंसान के सबसे बड़े डर पर चोट करता है जलील मानिकपुरी का यह मशहूर शेर

Shayari of the Day, Zaleel Manikpuri Shayari: जलील मानिकपुरी का यह शेर इंसानी जज्बातों की उस नाज़ुक हालत को बयां करता है, जहां दिल बहुत कुछ कहना चाहता है, लेकिन सबसे अहम बात जुबां तक नहीं आ पाती।

Shayari of the Day: शेर-ओ-शायरी की दुनिया भी बड़ी कमाल की है। यहां छोटी से छोटी या फिर गंभीर से गंभीर बात तो भी बड़ी खूबसूरती से बयां कर दिया जाता है। दो लाइनों में जीवन की गहरी से गहरी बात को रखने का हुनर हमारे शायरों में बखूबी होता है। इन शायरियों का जादू कुछ ऐसा है कि पढ़ने वाले को लगता है कि ये तो बस उसी के लिए लिखा गया है। आज की शायरी (Aaj ki Shayari) में पढ़ते हैं ऐसा ही एक जादुई सा शेर। यह शेर लिखा है जलील मानिकपुरी (Zaleel Manikpuri) ने। शेर कुछ इस तरह से है:

Shayari of the Day, Aaj ki Shayri, Zaleel Manikpuri

आज की शायरी (AI Image)

"सब कुछ हम उन से कह गए लेकिन ये इत्तिफाक, कहने की थी जो बात वही दिल में रह गई"

जलील मानिकपुरी का यह शेर इंसानी जज्बातों की उस नाज़ुक हालत को बयां करता है, जहां दिल बहुत कुछ कहना चाहता है, लेकिन सबसे अहम बात जुबां तक नहीं आ पाती। शायर कहते हैं कि उन्होंने अपने महबूब से लगभग हर बात कह दी, दिल खोलकर अपने एहसास जाहिर किए, लेकिन अजीब इत्तिफाक यह हुआ कि वही एक बात, जो सबसे जरूरी थी, दिल में ही रह गई।

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