Sawan Shayari: तो इसलिए हर किसी को छू जाता है सावन पर लिखा गोपालदास नीरज का यह शेर

Best Sawan Shayari: सावन हर साल लौटता है, लेकिन हर किसी पर उसकी बारिश एक जैसी नहीं होती। किसी के लिए यह मौसम मुस्कुराहट लेकर आता है, तो किसी के लिए बीते हुए रिश्तों और अधूरी ख्वाहिशों की यादें।

Sawan Shayari Love (सावन पर शायरी): सावन दस्तक दे चुका है। बारिश की फुहारों में लिपटा ये महीना अपनी आमद के साथ ही मौसम का मिजाज बदल देता है। काले बादल, रिमझिम बारिश, भीगे घर -आंगन और मिट्टी की सोंधी खुशबू मन को एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं। भारतीय साहित्य में सावन को प्रेम, विरह, इंतजार और यादों का मौसम माना गया है। यही वजह है कि हिंदी और उर्दू के अनगिनत कवियों और शायरों ने सावन को अपनी रचनाओं का केंद्र बनाया। कभी यह मिलन का संदेश लेकर आता है तो कभी बिछड़ने का दर्द और भी गहरा कर देता है।

Sawan Shayari love

सावन पर शायरी

ऐसे ही शायरों में एक नाम गोपालदास नीरज का भी है। नीरज ने प्रेम और विरह को बेहद सहज शब्दों में पिरोया। सावन पर लिखा उनका यह शेर इसकी खूबसूरत मिसाल है-

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