Sawan Bhojpuri Songs: बारिश की बूंदों के साथ फूटते हैं सुर, भोजपुरी के इन लोकगीतों में बसते हैं सावन के सातों रंग

Sawan Songs in Bhojpuri: भोजपुरी के लोकगीत मिट्टी से जुड़े हुए, आत्मा से निकले हुए और लोक जीवन की थिरकन से सजे हुए होते हैं। बदलते समय में भले ही इन गीतों की आवाज़ थोड़ी मंद हो गई हो, लेकिन जब भी सावन आता है, ये गीत फिर से यूं जी उठते हैं जैसे धरती अपने पुराने किस्से गा रही हो।

Bhojpuri Sawan Songs (सावन के भोजपुरी गीत): सावन का महीना आते ही भोजपुरी अंचल की धरती हरियाली ओढ़ लेती है। बादलों की गरज, माटी की सोंधी खुशबू और रिमझिम बारिश के बीच गांव की गलियों से लेकर चौपालों तक एक अलग ही संगीत गूंजने लगता है। यह संगीत होता है भोजपुरी लोकगीतों का संगीत। ये गीत सिर्फ स्वर नहीं होते, बल्कि ऋतु, प्रेम, विरह और भक्ति के बीच झूलते लोकजीवन के भाव होते हैं।

Sawan Lokgeet

भोजपुरी में सावन के गीत (Sawan Bhojpuri Songs)

सावन में गाए जाने वाले प्रमुख भोजपुरी लोकगीतों की परंपरा बहुत पुरानी है और यह आज भी गांवों में जीवित है। सावन को नारी मन की सबसे संवेदनशील ऋतु माना गया है और लोकगीतों में यह संवेदना मुखर होती है। आइए डालते हैं सावन में गाए जाने वाले भोजपुरी लोकगीतों पर एक नजर:

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