बादाम या ओट्स नहीं, सद्गुरु ने इस ड्राई फ्रूट के दूध को बताया सेहत का खजाना

आजकल बाजार में बादाम, जई, सोया और मटर के दूध के विकल्पों की भरमार है, लेकिन सद्गुरु के अनुसार, सबसे अच्छा दूध का विकल्प ग्राउंडनट (मूंगफली) है। यह न केवल सस्ता और पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि इसे सही तरीके से तैयार करने पर यह एक संपूर्ण भोजन के रूप में भी काम कर सकता है।

बाजार में आजकल कई तरह के दूध के विकल्प उपलब्ध हैं, जैसे कि बादाम, जई, सोया और मटर का दूध। लेकिन सद्गुरु ने हाल ही में एक ऐसे विकल्प की बात की है जो न केवल सस्ता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह विकल्प है ग्राउंडनट या मूंगफली। सद्गुरु का मानना है कि भारतीय घरों में लंबे समय से यह एक महत्वपूर्ण भोजन रहा है, और यह बिना किसी ब्रांडिंग के पोषण प्रदान करता है।

Sadhguru explains how groundnut milk supports energy, digestion and satiety

सद्गुरू ने मूंगफली के दूध को बताया सेहत का खजाना (pc: pinterest)

मूंगफली के दूध की जरूरत

दूध को हमेशा से एक पोषण का आधार माना जाता है, जो कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन B12 से भरपूर होता है। लेकिन दूध में मिलावट और लैक्टोज असहिष्णुता की बढ़ती चिंताओं के कारण लोग अब इसके विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। सद्गुरु का कहना है कि भिगोई हुई मूंगफली का दूध न केवल दूध का विकल्प है, बल्कि यह खुद में एक संपूर्ण भोजन भी है। सद्गुरु ने बताया कि एक बड़ा गिलास ग्राउंडनट दूध या दूध शेक एक व्यक्ति को चार से पांच घंटे तक तृप्त रख सकता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो नाश्ता छोड़ देते हैं या प्रोसेस्ड अनाज पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कई योगियों ने पारंपरिक रूप से ग्राउंडनट आहार पर निर्भरता बनाई है।

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