Psychology: ताला ठीक से बंद है या नहीं? लोगों को क्यों लग जाती है 'परफेक्टली श्योर' होने की बीमारी

Psychology: कई बार दिमाग में कोई एक स्पष्ट याद रहने के बजाय धुंधली और सामान्य छवि बन जाती है। यही धुंधलापन इंसान के मन में गहरे संदेह को जनम देता है।

Psychology: क्या आप भी घर से बाहर निकलते समय दरवाजे का ताला खींचकर बार-बार चेक करते हैं? या फिर सीढ़ियों से आधा नीचे उतरने के बाद अचानक लौटकर गैस का स्टोव और बिजली के स्विच दोबारा देखने जाते हैं? अगर हां, तो यकीनन आपके मन में कभी न कभी यह ख्याल आया होगा कि आपकी याददाश्त कमजोर हो रही है। हालांकि, मनोविज्ञान कुछ और ही कहता है। रिसर्च बताती है कि इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प मानसिक प्रक्रिया काम कर रही होती है।

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क्यों चीजों को बार-बार चेक करता है इंसान, जानिएक क्या कहता है मनोविज्ञान (AI Image)

कमजोर याददाश्त नहीं, आत्मविश्वास की कमी

ज्यादातर लोगों को लगता है कि बार-बार ताला या गैस चेक करना खराब मेमोरी का संकेत है। लेकिन नीदरलैंड की यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों मार्सेल वैन डेन हाउट और मेरेल किंड्ट की रिसर्च में इसके बिल्कुल उलट बात सामने आई है।

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