Guided Meditation: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब चारों तरफ तनाव और मानसिक थकान का माहौल है, तब हर इंसान कुछ पल की शांति की तलाश कर रहा है। लोग मानसिक रूप से खुद को शांत और रिफ्रेश करने के आसान तरीके ढूंढ रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए जानी मानी साइकलॉजिस्ट और मेडिटेशम कोच तारा ब्राच ने बताया है कि कैसे गाइडेड मेडिटेशन जैसा एक बेहद सरल अभ्यास इंसान को फिर से वर्तमान क्षण में वापस ला सकता है।
गाइडेड मोटिवेशन क्या है? (Photo: iStock)
गाइडेड मेडिटेशन क्या है?
गाइडेड मेडिटेशन वह प्रक्रिया है जिसमें आपको ध्यान लगाने के लिए किसी एक्सपर्ट का सहारा मिलता है। एक्सपर्ट के निर्देश आपको आपकी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने, शरीर की संवेदनाओं को महसूस करने और विचारों को दूर से देखने में मदद करते हैं। यह आपके भीतर एक ऐसा शांत स्थान जरूर तैयार करता है जहां आप बिना कोई त्वरित प्रतिक्रिया दिए अपने विचारों और भावनाओं को समझ सकते हैं।
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वर्तमान में कैसे लौटें
तारा ब्राच ने अपने हालिया मेडिटेशन सेशन में इस बात पर खास जोर दिया है कि कैसे भटकते दिमाग को बार-बार वर्तमान में वापस लाया जाए:
रेस्टिंग इन रियलिटी: इसमें व्यक्ति को अपने शरीर, सांस, आसपास की आवाजों और संवेदनाओं के प्रति जागरूक होना सिखाया जाता है। जब भी ध्यान भटककर भविष्य या अतीत की चिंताओं में जाए, तो बिना किसी अपराधबोध के उसे वापस सांसों पर ले आएं।
अवेयर एंड अलाइव: यह अभ्यास सांस, दिल की धड़कन और शरीर के जुड़ाव से व्यक्ति को यह एहसास कराता है कि वह इस वक्त जीवंत और सुरक्षित है।
दिमाग को खाली करना जरूरी नहीं
लोगों को लगता है कि ध्यान का मतलब दिमाग से हर विचार को पूरी तरह बाहर निकालना या शून्य हो जाना है। ब्राच के अनुसार, यह एक गलत धारणा है। ध्यान का असली मतलब है- जब भी दिमाग भटके तो उसे धीरे से वापस वर्तमान में ले आना।
इसे खुद कैसे आजमाएं?
किसी शांत स्थान पर आराम से बैठ जाएं। अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान लगाएं। शरीर में हो रही हलचल और आसपास की आवाजों को महसूस करें। जब विचार भटकें, तो बिना खुद को कोसे वापस अपनी सांसों की लय पर लौट आएं।
कुल मिलाकर गाइडेड मेडिटेशन खुद के साथ थोड़ा वक्त बिताने का एक असरदार तरीका है। हालांकि अगर आप किसी गंभीर मानसिक समस्या से जूझ रहे हैं, तो किसी पेशेवर डॉक्टर या काउंसलर की सलाह लेना ही सबसे सही कदम है।
