Prateek Yadav Last Tattoo: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का आज निधन हो गया। वह 38 साल के थे और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद प्रतीक ने अपनी अलग राह चुनी थी। प्रतीक रियल स्टेट समेत कई तरह के बिजनेस करते थे। उनके शौक मुलायम परिवार के सदस्यों से काफी जुदा थे।
प्रतीक यादव को टैटू गुदवाने का काफी शौक था (Photo: Prateey Yadav Instagram)
परिवार से जुदा थे प्रतीक के शौक
प्रतीक यादव को लग्जरी गाड़ियों का शौक था। उनकी लैम्बॉर्गिनी अकसर सुर्खियों में रहती थी। प्रतीक फिटनेस फ्रीक भी थे। फिटनेस को लेकर उनका लगाव किसी से छिपा नहीं था। इसके अलावा बहुत कम लोग जानते हैं कि प्रतीक को टैटू बनवाने का भी बड़ा शौक थे। उन्होंने अपने शरीर पर कई तरह के टैटू बना रखे थे। तबीयत खराब होने से पहले पिछले साल सितंबर महीने में प्रतीक ने एक खास टैटू बनवाया था। प्रतीक ने खुद बताया था कि यह टैटू क्या कहता है।
प्रतीक का लेटेस्ट टैटू कैसा था
प्रतीक ने सितंबर 2025 में अपने दाहिने हाथ पर ये टैटू बनवाया था। टैटू में एक कंपास बना है। उस कंपास को हर ओर से एक सांप ने घेर रखा है। गौर करने वाली बात ये है कि सांप अपनी ही पूंछ खा रहा है। इस टैटू को बनाया था सेलिब्रिटी टैटू आर्टिस्ट साक्षी पंवार ने। साक्षी बहुत से बॉलीवुड सेलेब्स के भी टैटू बना चुकी हैं।
किस चीज का प्रतीक था Prateek का आखिरी टैटू
इस टैटू में नॉर्स के पौराणिक प्रतीक और माइथोलॉजिकल आर्ट का अनोखा फ्यूजन देखने को मिलता है। यह टैटू फाइन-लाइन शैली में बनाया गया है, जिसमें बारीक शेडिंग और डिटेलिंग के जरिए सांप की स्किन और बनावट को बेहद आकर्षक तरीके से डिजाइन किया गया है। टैटू में दो चीजें हैं, एक सांप और एक कंपास:
वेगविसिर (Vegvisir): बीच में बना कंपास जैसा चिन्ह वेगविसिर या वाइकिंग कंपास कहलाता है। यह आइसलैंड में जादुई प्रतीक माना जाता है। इसके बारे में वहां के लोगों का मजबूत विश्वास है कि यह कठिन परिस्थितियों, तूफान या जीवन के मुश्किल दौर में सही रास्ता दिखाने में मदद करता है।
सांप: कंपास केचारों ओर बना सांप नॉर्डिक और सेल्टिक नॉटवर्क शैली में डिजाइन किया गया है। यह ओरोबोरोस (Ouroboros) के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसमे सांप अपनी ही पूंछ को निगलता हुआ दिखाया जाता है। यह शाश्वतता, परिवर्तन और जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म के चक्र का प्रतीक है। नॉर्स पौराणिक कथाओं के मुताबिक यह ऐसा सर्प है जिसने हम मनुष्यों की दुनिया को घेर रखा है।
अब जब प्रतीक इस दुनिया को अचानक अलविदा कह गए तो इस टैटू की भी चर्चा हो रही है। दरअसल इस जीवन का सबसे बड़ा सत्य अंत ही है। जो कुछ शुरू हुआ है उसका अंत तय है। अगर यह जीवन मिला है तो मौत भी निश्चित है।
