Parenting: बच्चों में जरूर डालें डोर नॉक और पर्सनल स्पेस के सम्मान की आदत, पेरेंट्स नोट कर लें आसान उपाय

लोगों कि निजता का सम्मान करने जैसी छोटी-चोटी आदतें ही बच्चों में संवेदनशीलता और सम्मान की बुनियाद बनाता हैं। ये आदतें उन्हें आगे चलकर बेहतर दोस्त, समझदार साथी और संवेदनशील इंसान बनने में मदद करती हैं।

How to develope Door Knock Habits in Kids: आज कल पेरेंट्स बच्चों को पढना-लिखना, खेल-कूद और डिजिटल स्किल्स तो सिखा देते हैं, लेकिन कई बार जरूर और बेसिक बातें नहीं सिखाते। इन्हीं में से एक अहम आदत है दरवाजा खटखटाने (डोर नॉक) और पर्सनल स्पेस का सम्मान करना। ये आदतें न सिर्फ घर के शिष्टाचार का हिस्सा हैं, बल्कि बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए भी जरूरी हैं। कुछ पेरेंटेस कोशिश भी करते हैं सिखाने की मगर वह सफल नहीं हो पाते। ऐसे में हम आपकी इस समस्या का समाधान लाए हैं। यहां देखिए बच्चों में डोर नॉक करने और पर्सनल स्पेस का सम्मान करने की कला सिखाने के आसान तरीके:

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बच्चों में कैसे डासें डोर नॉक और पर्सनल स्पेस की आदत (Photo: iStock)

बहुत छोटी-छोटी बातों से शुरुआत करें

बच्चे देखकर सीखते हैं। अगर आप किसी कमरे में जाने से पहले दरवाजा खटखटाते हैं, तो बच्चा खुद-ब-खुद यही व्यवहार अपनाने लगेगा। शुरुआत बच्चे से ही करें। बच्चे के कमरे में जाने से पहले नॉक करें। उससे पूछें कि क्या मैं आ जाऊं?

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