Monsoon Shayari: बरसात के आते ही तौबा न रही बाक़ी, बादल जो नज़र आए बदली मेरी नीयत भी.., पढ़ें मानसून पर 15 बेहतरीन शेर

Monsoon Shayari in Hindi (मानसून शायरी): कतील शिफई का एक शेर है- दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था, इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था..। मानसून में ये शेर खूब सुना और सुनाया जाता है। दरअसल मानसून सिर्फ़ बारिश नहीं, जीवन का उत्सव है। मानसून प्रकृति का ऐसा जादू है, जो हर दिल को भिगो देता है। इसी मानसून पर कई मशहूर शायरों ने बेहतरीन शेर लिखे हैं।

Monsoon Shayari in Hindi (बरसात पर शायरी): मानसून सिर्फ़ बारिश नहीं, जीवन का उत्सव है। काले मेघों की स्याही से लिखी बूंदें धरती की गोद में बरसती हैं। सोंधी मिट्टी की महक, हवाओं का राग और पत्तों पर थिरकती बूंदें..सब मिलकर जीवन का उत्सव रचते हैं। सूखी धरती हरियाली ओढ़ती है, नदियां गीत गाती हैं और किसान के चेहरे पर मुस्कान खिलती है। गांव की गलियों में बच्चे कागज़ की नाव चलाते हैं, तो शहरों में कॉफी की चुस्कियों के साथ मानसून की रिमझिम के मजे लिये जाते हैं। यह मौसम प्रेमियों के लिए काव्य, सपने देखने वालों के लिए प्रेरणा और थके मन के लिए सुकून लाता है। मानसून की गर्जना साहस जगाती है और उसकी शांति आत्मा को ठंडक देती है। यह प्रकृति का जादू है, जो हर दिल को भिगो देता है। इसी मानसून पर कई मशहूर शायरों ने बेहतरीन शेर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं मानसून पर लिखे चंद शेर:

Monsoon Shayari

Monsoon Shayari (मानसून शायरी, बारिश पर शायरी)

Best Shayari on Monsoon in Hindi 2 line | बारिश पर शायरी हिंदी में

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