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Valentine Special: अधूरे इश्क की अमर दास्तां है कुंजू और चंचलो की प्रेम कहानी, सुनकर आज भी रोते हैं पहाड़

Kunju Chanchalo Love Story: वेलेंटाइन वीक में चारों तरफ प्यार पर बात हो रही है। लोग इश्क के मशहूर किस्से गूगल पर खोज-खोज कर पढ़ रहे हैं। मोहब्बत की कुछ अमर गाथाएं ऐसी भी हैं जो शायद इंटरनेट पर ना मिले, लेकिन लोगों के दिलों में सदियों से जिंदा है। प्यार की एक ऐसी ही अमर दास्तां है कुंजू और चंचलो की प्रेम कहानी। हिमालय की चोटियां उनके प्रेम और त्याग की साक्षी हैं।

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कुंजू और चंचलो के अमर प्रेम की गजब कहानी
Authored by: Suneet Singh
Updated Feb 12, 2026, 17:26 IST

Kunju Chanchalo Love Story in Hindi: वेलेंटाइन वीक चल रहा है। फिजाओं में इश्क घुल चुका है। मोहब्बत के इस महाकुंभ में, आशिकों की बस्ती महबूब और मोहब्बत के जिक्र से गुलजार है। इन दिनों इश्क की आग में जलने वाले ये परवाने कोई भी दरिया पार करने का हौसला रखते हैं। उनके लिए रोमियो-जूलियट, लैला-मजनूं और हीर-रांझा जैसी अमर प्रेम कहानियां प्रेरणा बन जाती हैं। वैसे इश्क की इन मशहूर दास्तानों के पीछे लोक स्मृतियों में छिपी कुछ प्रेम कहानियां ऐसी भी हैं जो चुपचाप दिलों में दीये की तरह जलती रहती हैं। हिमाचल की वादियों में भी प्रेम की एक ऐसी ही अमर दास्तां सदियों से लोगों को रुला रही है। यह दास्तां है कुंजू और चंचलो की।

कुंजू और चंचलो की प्रेम कहानी पहाड़ों की खामोशी, देवदार की महक और सूरज की उस सुनहरी रोशनी में जन्मी एक ऐसी कहानी है सिर्फ प्यार की ही नहीं, विरह, इंतजार, त्याग और किस्मत से लड़ने की भी कहानी बन गई है। इस प्यार के किस्से पहाड़ों पर गाए जाते हैं। वहां के लोग इस प्रेम कहानी को गाते ही नहीं जीते भी हैं। पहाड़ की सर्द हवाओं में आज भी उनके नाम की मिठास तैरती है। हर पीढ़ी इसे अपने अंदाज में बयां करती है। मगर हर बार प्रेम उतना ही शुद्ध सोने सा खरा और सच्चा, उतना ही धड़कता हुआ लगता है। आज कुंजू और चंचलो की मोहब्बत हिमाचल के पहाड़ों पर प्यार का पर्याय बन चुकी है।

Kunju Chanchlo love story (1)

Kunju Chanchlo love story (1)

चंबा में खिला था कुजू और चंचलो के इश्क का फूल

हिमाचल के चंबा की पहाड़ियों में बसी एक छोटी सी बस्ती में कुंजू और चंचलो नाम के प्रेमी रहा करते थे। चंचलो अपने नाम की तरह चंचल और सुंदर थी। गरीब घर की बेटी, जो भेड़-बकरियों के साथ पहाड़ी ढलानों पर दिन बिताती, लेकिन उसकी मुस्कान किसी राजकुमारी से कम न थी। वहीं कुंजू अमीर घर का जवान बेटा था। गबरू, निडर और बचपन से चंचलो का हमसफर। दोनों ने साथ खेलते हुए बचपन पार किया और कब दोस्ती दिलकशी में बदल गई उन्हें खुद भी पता न चला।

लोगों को रास ना आया दोनों का प्यार

चंबा के पहाड़ों को उनके इश्क से कोई शिकायत नहीं थी, मगर गांव की निगाहें तंग थीं। लोग दोनों को लेकर बात करने लगे। बातें धीरे-धीरे इल्जाम बन गईं। कुंजू के पिता के कान भर दिए गए। गरीब घर की लड़की पर उंगली उठी, उसकी जात और इज्जत को तौला गया। पिता ने बेटे को अलग करने का रास्ता चुना। कुंजू को सेना में भर्ती होने भेज दिया गया। जाते वक्त उसने चंचलो से जल्द लौटने का वादा किया और वही वादा चंचलो की सांसों का सहारा बन गया।

Kunju Chanchlo love story (5)

Kunju Chanchlo love story (5)

लेकिन समाज को प्रेम के फूल रास कहां आती हैं। कुंजू के पिता ने चंचलो के पिता पर दबाव डाला। गरीबी, डर और इज्जत के बोझ तले दबे पिता ने बेटी की शादी के लिए हामी भर दी। चंचलो की डोली उठी, मगर उसकी आंखों में कुंजू का इंतजार बुझा नहीं। वह किसी और घर की दुल्हन बन तो गई, पर दिल वहीं पहाड़ी मोड़ पर अटका रहा जहां कुंजू से आखिरी बार मिली थी।

चंचलो के दर्द से अनजान था कुंजू

अपनी चंचलो की शादी से अनजान कुंजू सालों बाद अपने गांव लौट रहा था। उसके कदमों में मिलन की जल्दी थी। रास्ते भर वह चंबा के बाजार से तोहफे खरीदता रहा, जैसे हर चीज में चंचलो की मुस्कान देख रहा हो। मगर गांव पहुंचने से पहले ही सच ने उसकी दुनिया तोड़ दी। रास्ते में मिले एक दोस्त ने बताया कि चंचलो अब किसी और की हो चुकी है। दोस्त ने बताया कि विदाई के वक्त भी वह अपने कुंजू का ही नाम पुकार रही थी, लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी चीख बेकार जाएगी।

दोस्त ने बताया कि चंचलो की शादी एक अधेड़ शख्स से हुई है और वो आखिर तक तेरा इंतजार करती रही। समाज और तेरे पिता के डर के आगे उसकी एक ना चली। यह सुनते ही कुंजू की आंखों में पहाड़ टूट पड़े। दिल की धड़कनें थोड़ी देर के लिए मानो थम सी गईं। एक पल में उसके उम्मीदों का आसमान बिखर गया। आंखों से चंचलो की बेबसी के आंसू बहने लगे। गुस्से में पागलों की तरह चिल्लाने लगा कुंजू। उसकी सांसें उखड़ने लगी। कुंजू ने अपने दोस्त से कहा कि वह उसपर एक एहसान कर दे। कुंजू ने चंचलो के लिए जो तोहफे रास्ते में खरीदे थे वो सब अपने दोस्त के हाथों भिजवा दिये।

Kunju Chanchlo love story (3)

Kunju Chanchlo love story (3)

इश्क में फना हो गए कुंजू और चंचलू

कुंजू ने खुद को चंचलों का अपराधी माना। उसे इस बात की तकलीफ थी कि जब चंचलो को अपने कुंजू की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब वह उसके पास क्यों नहीं था। खुद को दोषी मान कुंजू ने कभी उस गांव में वापस पैर ना रखा। कहा जाता है कि अपनी चंचलो से जुदाई के गम में वह पागल हो गया और फिर कभी किसी को नहीं दिखा।

दूसरी तरफ चंचलो को कुंजू का तोहफा तो मिला लेकिन उसका दीदार नहीं हुआ। दोस्त ने बताया कि अब शायद कुंजू कभी ना आए। कुंजू के तोहफों को अपने सीने से लगा चंचलो कई दिनों तक बदहवास रोती रही। आखिरकार अपने कुंजू की याद में चंचलो ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

कहानी सच्ची है या अफसाना?

कुछ लोग इस कहानी को सच मानते हैं तो कुछ काल्पनिक। कहानी हकीकत हो या फसाना लेकिन कुंजू और चंचलो का प्यार ईश्वर को चढ़ाए फूलों की तरह सच्चा और पाक था। चंबा के लोगों की मानें तो वह पीढ़ी दर पीढ़ी अपने गांव-घर के बुजुर्गों से कुंजू और चंचलो की के प्रेम की ये दर्द भरी कहानी सुनते आ रहे हैं। उन्हें हमेशा ये कहानी सत्य घटना के तौर पर बताई गई है। वहीं हिमाचल के कुछ बुद्धजीवियों के मुताबिक पीढ़ी दर पीढ़ी ये कहानी सुनाई तो जाती है लेकिन इसकी सच्चाई का कोई प्रमाण नहीं है।

Kunju Chanchlo love story (2)

Kunju Chanchlo love story (2)

अब हकीकत जो हो, लेकिन एक सच ये है कि आज हिमाचल की वादियों में कुंजू और चंचलो का इश्क देवदार के घने पेड़ों की तरह रच बस गचा है। सदियों से दोनों की प्रेम कहानी वहां के लोकगीतों की आत्मा बनकर जिंदा है। सिर्फ चंबा ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल में कुंजू और चंचलो की प्रेम कहानी छोटे-मोटे बदलाव के साथ गाई जाती है। दोनों की प्रेम कहानी को गीतों के जरिए सुनना और सुनाना मानो हिमाचल की एक परंपरा सी बन गई है।

दोनों की बदकिस्मती पर आज भी रोते हैं पहाड़

कुंजू और चंचलो की प्रेम कहानी को गीत बनाकर कई कलाकारों ने लोगों तक पहुंचाया है। हिमाचल के लगभग सभी लोकगायकों ने दोनों की प्रेम कहानी गाई है। वहीं बॉलीवुड की दिवंगत गायिका अनुराधा पौडवाल ने भी इस अमर प्रेम कहानी को अपने सुरों से सजाया है। सुनने वालों की आंखों से आज भी आंसू निकल पड़ते हैं।

Kunju Chanchlo love story (4)

Kunju Chanchlo love story (4)

हिमालय की गोद से निकली ये प्रेम कहानी हमेशा के लिए अमर हो चुकी है। । जब भी मोहब्बत का जिक्र होगा तो कुंजू और चंचलो के अधूरे इश्क की दास्तां के बिना वह कभी पूरा नहीं होगा।

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