Kiss Day 2026: वेलेंटाइन वीक चल रहा है। 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है किस डे (Kiss Day)। इस दिन प्रेमी जोड़े प्यार भरे चुंबन के साथ एक दूसरे से अपने प्रेम का इजहार करते हैं। दरअसल अपने प्रेमी को चूमना भी प्यार जताने का जरिया है। यह वह जरिया है जहां बिना शब्दों के हम अपनी भावना सामने वाले तक पहुंचा देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इंसान ने चूमना क्यों शुरू किया। क्या है Kiss का इतिहास? किस को लेकर बहुत से सवाल लोगों के मन में होंगे। आइए जानने की कोशिश करते हैं प्यार के सबसे खूबसूरत एहसास Kiss से जुड़े तमाम सवालों के जवाब।
किस क्यों करते हैं लोग?
बचपन से ही हम चूमने की आदत से परिचित हो जाते हैं। मां-बाप, बड़े भाई-बहन या रिश्तेदार हमें प्यार जताने के लिए चूमते हैं। ये छोटे-छोटे स्पर्श हमारे दिमाग में एक खास एहसास छोड़ जाते हैं, प्यार का स्पर्श। बच्चे को समझ आ जाता है कि होठों से प्यार जताया जाता है। बड़े होने पर वही भावना प्रेमी या पार्टनर को चूमने में बदल जाती है। किस करना प्यार, आकर्षण और अंतरंगता का सबसे प्राकृतिक और शक्तिशाली तरीका है।Kiss Day (4)
किस करने से क्या होता है?
इंसान के शरीर में जननांगों के बाद सबसे संवेदनशील हिस्सा होठ होते हैं। होठों पर सबसे ज्यादा नर्व एंडिंग्स मौजूद होते हैं। एक छोटा-सा स्पर्श भी दिमाग के बड़े हिस्से को सक्रिय कर देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, किस करने से दिमाग में कई हैप्पी हार्मोन्स तुरंत रिलीज होते हैं:
- ऑक्सीटोसिन: प्रेम. विश्वास और भावनात्मक निकटता बढ़ाता है।
- डोपामाइन: खुशी और राहत का एहसास कराता है।
- सेरोटोनिन: मूड बेहतर करता है और तनाव कम करता है।
- एंडोर्फिन: यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक है जो किस को आनंददायक बनाता है।
होठों का स्पर्श पूरे शरीर में उत्तेजना पैदा करता है। यह कामुकता को जगाता है और भावनात्मक कनेक्शन को गहरा बनाता है। एक अच्छा किस न सिर्फ दिल को छूता है, बल्कि शरीर को भी रिलैक्स और एनर्जेटिक महसूस कराता है।
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कैसे हुई थी KISS करने की शुरुआत
चुंबन आज भले ही रोमांस का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता हो, लेकिन इसकी शुरुआत प्रेम से नहीं, मातृत्व और देखभाल से जुड़ी थी। मानव इतिहास के शुरुआती दौर में जब आग और पकाने के साधन विकसित नहीं हुए थे, तब मांएं भोजन को खुद चबाकर मुलायम बनातीं और उसे अपने बच्चों के मुंह में डालती थीं। यह तरीका बिल्कुल वैसा था जैसा पक्षी अपने बच्चों को चोंच से खाना खिलाते हैं। उस समय यह जीवन बचाने का तरीका था। लेकिन इसी प्रक्रिया ने होठों के स्पर्श को सुरक्षा और प्यार से जोड़ दिया।
माना जाता है कि यह व्यवहार हमारे प्राचीन पूर्वजों से आया। यह स्पर्श हमारी जैविक स्मृति का हिस्सा बन गया। शायद इसी वजह से छोटे बच्चों को चूमना सिखाना नहीं पड़ता। वे सहज रूप से होठों के स्पर्श को अपनापन समझते हैं। उनके भीतर यह भावना गहराई से दर्ज रहती है कि यह स्पर्श भोजन, देखभाल और सुरक्षा का संकेत है।
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चुंबन को लेकर क्या कहता है विज्ञान
एंथ्रोपोलॉजी और साइकोलॉजी की कई स्टडीज बताती हैं कि चुंबन भावनात्मक जुड़ाव का बेहद असरदार माध्यम है। दिलचस्प बात यह है कि लिप-टू-लिप किसिंग लगभग सिर्फ इंसानों में विकसित हुई। कुछ पक्षियों और स्तनधारियों में मुंह से खाना खिलाने का व्यवहार जरूर मिलता है, लेकिन वे इसे भावनाओं की अभिव्यक्ति के रूप में इस्तेमाल नहीं करते।
चार्ल्स डार्विन ने अपने थ्योरी ऑफ एवोल्यूशन में चुंबन को लेकर एक दिलचस्प बात बताई है। उनके अनुसार, इंसान विकास की प्रक्रिया में अपनी सूंघने और शारीरिक संवेदन क्षमता का बड़ा हिस्सा खो बैठा। कई जानवर दूर से ही गंध और सूक्ष्म संकेतों के जरिए भावनाएं समझ लेते हैं, लेकिन इंसानों को वही निकटता पाने के लिए बहुत करीब आना पड़ता है। चुंबन उस कमी की भरपाई का एक तरीका बन गया। यही चुंबन को भावनाओं को महसूस करने का सबसे निकट का माध्यम बन गया।
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मानव इतिहास का सबसे पुराना किस
मानव इतिहास में चुंबन की परंपरा कितनी पुरानी है, इसका सटीक जवाब आज भी शोध का विषय है। प्राचीन भारतीय ग्रंथ कामसूत्र में किसिंग का विस्तृत उल्लेख मिलता है, जिससे पता चलता है कि हजारों साल पहले भी चुंबन को प्रेम और आकर्षण की अभिव्यक्ति माना जाता था। यूरोप में भी 17वीं सदी को अक्सर रोमांस के खुले प्रदर्शन का दौर कहा जाता है, जहां चुंबन सामाजिक संस्कृति का दिखाई देने वाला हिस्सा बन चुका था।
साल 2023 में चीन के अखबार पीपुल्स डेली ऑनलाइन ने एक लेख में दावा किया कि दुनिया का पहला किस चीन में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, हान राजवंश के दौर में चुंबन का चलन शुरू हुआ और 7वीं सदी तक यह प्रेम अभिव्यक्ति का हिस्सा बन गया। हालांकि इतिहासकारों के बीच इस दावे को लेकर सहमति नहीं है, क्योंकि इसके समर्थन में ठोस पुरातात्विक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
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इतिहास यह जरूर बताता है कि चुंबन किसी एक संस्कृति की खोज नहीं, बल्कि अलग-अलग सभ्यताओं में अलग रूपों में विकसित हुई मानवीय अभिव्यक्ति है। यह प्रेम, स्नेह और निकटता की ऐसी भाषा है जो समय और भूगोल से परे जाकर इंसानी अनुभव का हिस्सा बन चुकी है।
दुनिया का सबसे लंबा किस
दुनिया में सबसे लंबे समय तक किस करने का आधिकारिक रिकॉर्ड थाईलैंड के कपल एक्काचाई तिरानारत और लक्साना तिरानारत के नाम है। इस कपल ने 2013 में वैलेंटाइन डे के मौके पर 58 घंटे, 35 मिनट और 58 सेकंड तक लगातार चुंबन करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड पटाया में रिप्लेज बिलीव इट ऑर नॉट के इवेंट में बनाया गया था। यह कपल पहले भी 2011 में 46 घंटे 24 मिनट का रिकॉर्ड बना चुका था, लेकिन 2013 में उन्होंने खुद का ही रिकॉर्ड तोड़ा और यह आंकड़ा अब तक कोई नहीं तोड़ पाया है।
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वैसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 2023 में इस कैटेगरी (Longest kiss) को डिएक्टिवेट कर दिया है। कारण था कि यह रिकॉर्ड बहुत खतरनाक हो गया था। प्रतियोगिता के नियमों में बदलाव के साथ-साथ डिहाइड्रेशन, नींद की कमी, शारीरिक थकान जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स को देखते हुए इसे बंद कर दिया गया। इसलिए अब यह रिकॉर्ड ऑफिशियली किसी के नाम नहीं है, लेकिन इतिहास में एक्काचाई और लक्साना का नाम सबसे ऊपर बना हुआ है।
दिलचस्प बात यह है कि यह कपल 2025 में अलग हो गया, लेकिन उनका रिकॉर्ड आज भी सबसे लंबे चुंबन के रूप में याद किया जाता है।
