National Consumer Day Theme 2022: भारत में हर साल 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। दरअसल, इसी दिन भारत के राष्ट्रपति के द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम विधयेक पारित किया गया था। जिसके कारण इस दिन को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके महत्व, अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करना है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकार और सुरक्षा प्रदान करना है। इस अधिनियम से प्राप्त अधिकारों के तहत उपभोक्ता अपने हक के लिए शिकायत कर सकता है।
जानें, नेशनल कंज्यूमर डे का इतिहास, महत्व और इस साल की थीम
जानिए राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस का इतिहास
भारत के राष्ट्रपति के द्वारा 24 दिसंबर 1986 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम विधेयक पारित किया गया था। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को अधिक कार्यात्मक और व्यापक बनाने के लिए वर्ष 1991, 1993 और दिसंबर 2002 में एक व्यापक संशोधन किया गया। इसके बाद 5 मार्च 2004 को इसे पूर्ण रूप से नोटिफाई किया गया था। वहीं, संसद द्वारा अगस्त 2019 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 पारित किया गया था। इसे जुलाई 2020 में लागू कर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को प्रतिस्थापित किया गया। अधिनियम 2019 में उपभोक्ताओं के अधिकारों को बढ़ावा देने, संरक्षित करने और लागू करने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना भी की गई।
इस साल से मनाया जा रहा है राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस
देश में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पहली बार साल 2000 में मनाया गया था। इस दिन देश में अलग-अलग जगह सरकार द्वारा कैंप लगाकर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के अलावा कानून के बारे में भी बताया जाता है। वहीं, 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनााय जाता है।
राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस 2022 की थीम
राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाने के लिए हर साल केंद्र सरकार द्वारा थीम रखा जाता है। राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस 2022 की थीम "फेयर डिजिटल फाइनेंस" है। जिसके तहत उपभोक्ता को डिजिटल अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जाएगा। बता दें कि, सरकार ने उपभोक्ता के अधिकारों में इन नियमों को तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन शॉपिंग को ध्यान में रखते हुए साल 2019 ई-कॉमर्स के लिए भी रूल्स बनाए हैं। इसके तहत सरकार ई-कॉमर्स साइट्स पर कई सख्त प्रावधान लागू किए हैं। इस नए नियम को कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल्स 2020 नाम दिया गया है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।
