How to grow bottle gourd at home: गर्मी के मौसम में लौकी खूब खाई जाती है। यूं तो बाजार में भरपूर लौकी मिल जाती है, फिर भी घर पर उगने वाली लौकी का स्वाद ही कुछ और रहता है। इसी कारण बहुत से लोग अपने घर पर ही लौकी उगाते हैं। लौकी को बालकनी या छत पर आसानी से उगाया जा सकता है। तो अगर आप घर की छत या बालकनी में गमले में लौकी उगा रहे हैं, लेकिन उसमें ज्यादा फल नहीं आ रहे, तो कुछ आसान उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। सही देखभाल और एक खास घरेलू खाद के इस्तेमाल से लौकी की बेल पर भरपूर फल आ सकते हैं।
घर पर लौकी उगाने का सही तरीका (Photo: Canva)
बालकनी में लौकी कैसे उगाएं?
लौकी की अच्छी पैदावार के लिए सबसे पहले बड़े और गहरे गमले का चयन करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम से कम 18 इंच गहराई वाला गमला या प्लास्टिक की बाल्टी बेहतर रहती है, क्योंकि लौकी की जड़ें काफी गहराई तक फैलती हैं। मिट्टी में कोकोपीट, वर्मी कम्पोस्ट और राइस हस्क मिलाने से पौधे को पर्याप्त पोषण मिलता है।
पौधे को रोज पर्याप्त धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है। हालांकि, मिट्टी में पानी जमा नहीं होना चाहिए, वरना जड़ें खराब हो सकती हैं। बेल को ऊपर चढ़ाने के लिए रस्सी या बांस का सहारा देना भी जरूरी है। इससे बेल तेजी से फैलती है और फल जमीन से ऊपर रहने के कारण सड़ते नहीं हैं।
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छत पर लौकी कैसे उगाएं?
अगर आप बालकनी की जगह छत पर लौकी उगाना चाहते हैं तो आपको वहां भी यही तरीका अपनाना है। बस अंतर इतना है कि छत पर धूप बहुत तेज आती है इसीलिए जब फल निकले तो उसे पत्तों के नीचे छिपा दें। उसपर सीधी तेज धूप नुकसान पहुंचा सकती है।
लौकी को तेजी से कैसे उगाएं
कई बार लौकी की बेल पर फूल तो आते हैं, लेकिन वे जल्दी गिर जाते हैं और फल नहीं बनते। इसका कारण पोषक तत्वों की कमी या सही परागण न होना हो सकता है। ऐसे में हैंड पॉलिनेशन यानी हाथ से परागण करना फायदेमंद माना जाता है। साथ ही सूखी और संक्रमित पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए।
लौकी के पौधे के लिए सबसे अच्छा उर्वरक कौन सा है
लौकी की अच्छी पैदावार के लिए घरेलू ऑर्गेनिक खाद बेहद असरदार मानी जाती है। इसके लिए सरसों की खली और हल्दी को पानी में मिलाकर 24 घंटे तक भिगो दें। इसके बाद इस घोल को सप्ताह में एक बार पौधे में डालें। यह मिश्रण पौधे की वृद्धि तेज करता है और फल ज्यादा लगने में मदद करता है।
इसके अलावा, मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग करना भी फायदेमंद होता है। धान की भूसी, नारियल के छिलके या सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करने से मिट्टी जल्दी सूखती नहीं और पौधा लंबे समय तक हरा-भरा रहता है।
