क्या रेड मीट खाने से बढ़ता है डायबिटीज का रिस्क, नई स्टडी में खतरा 50% तक बढ़ने का दावा

Red Meat Consumption Could Raise Diabetes Risk: नई रिसर्च के मुताबिक ज्यादा रेड मीट खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग 50% तक बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रेड मीट शरीर में ब्लड शुगर कंट्रोल और इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित कर सकता है। जानें रेड मीट शरीर में कैसे असर डालता है, लिवर और हार्मोन पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है और डायबिटीज के जोखिम को कम करने के लिए किन प्रोटीन विकल्पों को डाइट में शामिल करना बेहतर माना जाता है।

Red Meat Consumption Could Raise Diabetes Risk: कई लोग स्वाद और प्रोटीन के लिए रेड मीट खाना पसंद करते हैं, लेकिन हाल ही में आई एक नई स्टडी ने इसे लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिसर्च के मुताबिक अगर रेड मीट ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो टाइप-2 डायबिटीज का खतरा करीब 50% तक बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि रेड मीट में मौजूद कुछ तत्व शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि रेड मीट शरीर में क्या बदलाव करता है और इसे कितना खाना सुरक्षित माना जाता है।

रेड मीट खाना कैसे बना रहा शुगर का मरीज

रेड मीट खाना कैसे बना रहा शुगर का मरीज

नई स्टडी में क्या सामने आया

हाल ही में प्रकाशित एक बड़े अमेरिकी अध्ययन में पाया गया कि रेड मीट, खासकर प्रोसेस्ड रेड मीट, ज्यादा खाने से डायबिटीज का खतरा लगभग 50% तक बढ़ सकता है। रिसर्च में यह भी देखा गया कि जैसे-जैसे रेड मीट की सर्विंग बढ़ती है, वैसे-वैसे डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ता जाता है। वहीं अगर लोग रेड मीट की जगह बीन्स, नट्स, मछली या चिकन जैसे प्रोटीन स्रोत चुनते हैं, तो यह खतरा कम हो सकता है।

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