Father's Day Poem in Hindi: पिता एक ऐसा शब्द जो कम बोला जाता है, पर जीवन की नींव बनकर हर पल साथ चलता है। उनकी उपस्थिति दीपक की लौ जैसी होती है स्थिर, सधी हुई, परंतु हर अंधकार को हरने वाली। पिता न सिर्फ जीवनदाता होते हैं, बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरक और चुपचाप त्याग करने वाले भी होते हैं। पिता की उंगली पकड़कर चलना सिर्फ बचपन की बात नहीं होती, वह एक ऐसा अहसास है जो उम्रभर मन को सहारा देता है। उनकी आंखों में चिंता होती है, लेकिन होंठों पर मुस्कान। उनके कंधे सिर्फ हमें उठाते नहीं, हमारे हर डर को भी ढोते हैं।
Happy Fathers Day 2025 Poem In Hindi, Papa Par Kavita, Best Poem for father
पिता की बातें अक्सर आदेश सी लगती हैं, लेकिन उनमें छुपी होती है अनुभव की परछाई। वे बारिश में खुद भीग जाते हैं, पर अपने बच्चे को सूखा रखते हैं। उनकी जेबें भले ही खाली हों, पर दिल हमेशा भरा होता है..सपनों से, उम्मीदों से और अंतहीन प्रेम से। इसी पिता को समर्पित है फादर्स डे। फादर्स डे दुनियाभर में जून माह के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। इस बार फादर्स डे 15 जून को पड़ा है। फादर्स डे के मौके पर अगर आप अपने पिता को स्पेशल फील कराना चाहते हैं तो उन्हें ये कविताएं गिफ्ट कर सकते हैं। यहां देखें फादर्स डे की कविताएं हिंदी में:
Happy Father's Day 2025
Papa Par Kavita, Poem for Father in Hindi
1. पिता एक उम्मीद है एक आस है,
परिवार की हिम्मत और विश्वास है,
बाहर से सख्त और अंदर से नरम है,
उसके दिल में दफन कई मरम है,
पिता संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है,
परेशानियों से लड़ने को दो धारी तलवार है,
बचपन में खुश करने वाला बिछौना है,
पिता जिम्मेदारियों से लदी गाड़ी का सारथी है,
सबको बराबर का हक दिलाता एक महारथी है,
सपनों को पूरा करने में लगने वाली जान है,
इसी में तो मां और बच्चों की पहचान है,
पिता जमीर है, पिता जागीर है,
जिसके पास ये है वह सबसे अमीर है,
कहने को तो सब ऊपर वाला देता है,
पर खुदा का ही एक रूप पिता का शरीर हैं।
2. प्यार का सागर ले आते, फिर चाहे कुछ न कह पाते,
छोटी सी उंगली पकड़कर, चलना उन्होंने सीखाया,
जीवन के हर पहलु को, अपने अनुभव से बताया,
हर उलझन को उन्होंने, अपना दुःख समझ सुलझाया,
दूर रहकर भी हमेशा, प्यार उन्होंने हम पर बरसाया,
मेरी हर सिसकियों में, अपनी आंखों को भिगोया,
आशिर्वाद उनका हमेशा हमने पाया,
हर ख़ुशी को मेरी पहले उन्होंने जाना,
असमंजस के पलों में अपना विश्वाश दिलाया,
ऐसे पिता के प्यार से बड़ा कोई प्यार न पाया।
Father's Day Poem
3. एक बचपन का जमाना था,
जिस में खुशियों का खजाना था,
चाहत चांद को पाने की थी,
पर दिल तितली का दीवाना था,
खबर ना थी कुछ सुबह की,
ना शाम का कोई ठिकाना था,
थक कर आना स्कूल से,
पर खेलने भी जाना था,
मां की कहानी थी,
परियों का फसाना था,
बारिश में कागज की नाव थी,
हर मौसम सुहाना था,
रोने की कोई वजह ना थी,
और मैं अपने 'पापा' का दीवाना था।
4. कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता,
कभी धरती तो कभी आसमान है पिता
जन्म दिया है अगर मां ने
जानेगा जिससे जग वो पहचान है पिता,
कभी कंधे पे बिठाकर मेला दिखता है पिता,
कभी बनके घोड़ा घुमाता है पिता,
मां अगर मैरों पे चलना सिखाती है,
तो पैरों पे खड़ा होना सिखाते हैं पापा।
Papa ke liye kavita
5. मेरा साहस मेरी इज्जत, मेरा सम्मान है पिता,
मेरी ताकत मेरी पूंजी, मेरी पहचान है पिता,
घर की एक एक ईंट में, शामिल उनका खून पसीना,
सारे घर की रौनक उनसे, सारे घर की शान है पिता,
मेरी इज्ज़त मेरी शौहरत, मेरा रुतबा मेरा मान है पिता,
मुझे हिम्मत देने वाला मेरा अभिमान है पिता,
सारे रिश्ते उनके दम से, सारी बातें उनसे हैं,
सारे घर के दिल की धड़कन, सारे घर की जान है पिता,
शायद रब ने देकर भेजा फल ये अच्छे कर्मों का,
उसकी रहमत उसकी नियामत उसका है वरदान पिता।
बता दें कि पिता खुद उस कविता की तरह होते हैं, जो बिना कहे ही दिल में उतर जाती है। उनके साये में वक्त की सर्द हवाएं भी सुकून देने लगती हैं।
