Chamkila Amarjot Marriage: कुछ प्रेम कहानियां ऐसी होती है जो हमेशा के लिए अमर हो जाती है। जैसे लैला-मजनू, हीर-रांझा। लोग साथ जीने मरने की कसमें तो खूब खाते हैं लेकिन जब बात निभाने की आती है तो मोहब्बत का दावा करने वाले आशिक भी मुकर जाते हैं। लेकिन कुछ आशिक ऐसे होते हैं जो इतिहास रच जाते हैं और अपनी प्रेम कहानी को अमर कर जाते हैं। पंजाब के ओरिजनल रॉकस्टार कहे जाने वाले सिंगर अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) की प्रेम कहानी भी कुछ ऐसी ही है। हाल ही में अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) की बायोपिक नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई है। जिसे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) और अमरजोत (Amarjot) कौर की लव स्टोरी ने फैंस का दिल जीत लिया है। आज इस आर्टिकल में हम बात अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) और अमरजोत कौर (Amarjot Kaur) की मजेदार लव स्टोरी के बारे में करने जा रहे हैं और जानेंगे कैसे शादीशुदा होने के बावजूद चमकीला अमरजीत पर दिल हार बैठे।
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कौन थे अमर सिंह चमकीला ?- Who Was Amar Singh Chamkila
अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) का जन्म 1 जुलाई, 1960 को पंजाब के लुधियाना के पिंड डुगरी में हुआ था। उनका असली नाम धनी राम था। उनके (Amar Singh Chamkila) माता पिता का नाम करतार कौर और हरि सिंह संडीला था। अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) बड़े होकर इलेक्ट्रीशियन बनना चाहते थे। 18 साल की उम्र में उन्होंने एक कपड़े के मिल में काम करना शुरू किया और जैसे खाली समय मिलता वो गाने लिखने लगते थे। बस कमी थी तो एक गुरु की। फिर एक दिन उनकी मुलाकात सिंगर सुरिंदर शिंदा (Surinder Shinda) से हुई और उन्होंने सुरिंदर को अपना गुरु बना लिया। चमकीला ने शिंदा के लिए कई गाने लिखे। (यह भी पढ़ें- Kalki 2898 AD: कौन हैं भगवान कल्कि? कलयुग में कब लेंगे जन्म, किसका करेंगे वध- जानिए विष्णु के अंतिम अवतार की विस्तार से जानकारी)
चमकीला (Amar Singh Chamkila) के लिखे गानों की वजह से सुरिंदर शिंदा (Surinder Shinda) को खूब शोहरत मिली, लेकिन चमकीला अपनी सैलरी से नाखुश था। उस वक्त चमकीला को सैलरी के तौर 100 रुपये महीना दिया जाता था जो परिवार चलाने के लिए काफी नहीं था। इसके बाद चमकीला ने अकेले स्टेज शोज करने का फैसला किया। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही स्टेज शोज करना शुरू कर दिया था। वो पंजाब के गांवों में स्टेज शोज किया करते थे। गांवों में स्टेज शोज करते करते उन्हें ‘चमकीला’ नाम के मंच से फेम मिल गई। तब तक, उनकी शादी गुरमेल कौर (Gurmail Kaur) से हो चुकी थी, और उनके चार बच्चे थे।
जब सुरिंदर शिंदा (Surinder Shinda) कनाडा में अपना करियर बना रहे थे, तभी चमकीला ने शिंदा के सिंगिंग पार्टनर सुरिंदर सोनिया (Surinder Sonia) के साथ मिलकर आठ गानों का अपना पहला एल्बम लॉन्च किया। एल्बम ताकुए ते तकुआ खड़के (1979) ने पंजाब में धूम मचा दी। सोनिया और चमकीला की जोड़ी को दर्शकों द्वारा खूब प्यार मिला, लेकिन कड़ी मेहनत के बावजूद चमकीला को उतने पैसे नहीं मिलते थे जिसके वो हकदार थे। सोनिया को 600 रुपये मिलते थे तो चमकीला को महज 200 रुपये। जिसके बाद चमकीला ने सोनिया से सैलरी को लेकर बात की। तब सोनिया ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया था। लेकिन अच्छी बात ये थी की तब तक चमकीला की एक अलग पहचान बन गई थी।
जब धनी राम 'चमकीला के रूप में फेमस हो गया तब उन्हें पंजाबी सिंगर कुलदीप मानक ने अपने बैंड में एक महिला गायिका शामिल करने का सुझाव दिया। फिर क्या था चमकीला की खोज शुरू हो गई और तालाश अमरजोत कौर पर जाकर ख़त्म हुई।
कौन थी अमरजोत कौर?
अमरजोत (Amarjot Kaur) कौर अपने जमाने की जानी मानी गायिका थीं। वो मशहूर सिंगर कुलदीप मानक (Kuldeep Manak) के साथ काम कर चुकी थीं। अमरजोत (Amarjot Kaur) को संगीत से ऐसा लगाव था कि उन्होंने सिंगिंग में अपना करियर बनाने के लिए अपने पहले पति को छोड़ दिया था। कुलदीप मानक के साथ काम करने के बाद अमरजोत, चमकीला के साथ स्टेज शोज करने लगीं। इन दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने दिल खोलकर प्यार दिया। इनकी गायिकी के चर्चे दूर दूर तक होने लगे थे। जब दोनों साथ में स्टेज शोज करते तब इन्हें देखने लोग दूर-दूर से आया करते थे। चमकीला और अमरजोत (Amarjot Kaur) की जोड़ी शहर में चर्चा का विषय बन गई थी। दोनों अखाड़ों में साथ परफॉर्म करते करते करीब आने लगे और फिर प्यार का पंडवान इस कदर चढ़ा कि चमकीला ने पहली बीवी के होते हुए दूसरी शादी रचा ली।
ऐसा कहा जाता है कि चमकीला उस ज़माने के इतने बिजी सिंगर थे कि वो 365 दिनों में 366 शो किया करते थे। उनके गानों में सच्चाई झलकती थी जिसकी वजह से लोग खुद को उनसे जुड़ा मानते थे। वो पंजाब में ड्रग्स की समस्या, शराब के आदी लोगों की समस्याओं पर भी गाने लिखते थे।
कैसे हुई चमकीला की मौत?
अमर सिंह चमकीला (Amar Singh Chamkila) ने काफी छोटी उम्र में ही शोहरत हासिल कर ली थी। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजुर था। बहुत कम उम्र में ही वो लोगों को अपनी आवाजा का दीवाना बनाकर चले गए। 27 साल की उम्र में उनकी दिनदहाड़े गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। बात 8 मार्च 1988 की है, जब अमर सिंह चमकीला अपनी पत्नी अमरजोत के साथ मेहसमपुर, पंजाब में परफॉर्मेंस के लिए आए थे। वो तकरीबन 2 बजे के परफॉर्मेंस के लिए रवाना हुए थे, बाइक सवार एक गिरोह ने कई राउंड फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में उनकी पत्नी अमरजोत की भी मौत हो गई थी। चमकीला की मर्डर मिस्ट्री आज भी सुलझ ही नहीं पाई है।
