History of Gold: सोना कैसे बना इंसानों का गहना, जब नहीं था Gold तो कैसे सजते संवरते थे लोग

History of Gold (सोने के गहनों का इतिहास): सोने के बाद भी कई तरह की धातुओं का अविष्कार हुआ लेकिन लोगों का जो लगाव सोने के साथ रहा वो किसी और के साथ नहीं बना।

History of Gold Ornaments (सोने के गहनों का इतिहास): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। पीएम की इस अपील की चर्चा देश में जोरों पर है। इसपर राजनीति भी हो रही है। दरअसल सोना ऐसी चीज है जो हम भारतीयों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। सोना महज एक धातु ना होकर हजारों वर्षों से भारतीय सभ्यता की शान, संपन्नता और सौंदर्य का प्रतीक रहा है। आज भी शादी-ब्याह, तीज-त्योहार और खास अवसरों पर सोने के गहनों का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सोने के गहने पहनने का चलन शुरू कैसे हुआ? जब सोना नहीं था तब इंसान किस चीज के आभूषण पहनता था?

History of Gold in Hindi

सोना क्यों हर किसी के लिए है खास, क्या है सोने के गहनों का इतिहास (AI Image)

सोना कैसे बना गहना

सोने का आकर्षण इसकी चमक और इसके कभी खराब न होने वाले गुण में छिपा है। वैज्ञानिकों और इतिहासकारों का मानना है कि इंसान को सबसे पहले नदियों के तलहट में सोने के छोटे-छोटे टुकड़े मिले थे। चूंकि सोना दूसरी धातुओं की तुलना में नरम होता है, इसलिए इसे बिना पिघलाए भी पत्थर से कूटकर आकार देना आसान था।

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