History and Evolution of Jokes: आज विश्व हास्य दिवस (World Laughter Day) है। आज का दिन हंसने और हंसाने का दिन है। वैसे भी हंसी इंसान की सबसे सहज और खूबसूरत अभिव्यक्ति है। अगर भरपूर हास्य की मौजूदगी हो तो मन हल्का होता है और जीवन की जटिलताएं भी कुछ पल के लिए आसान लगने लगती हैं। आप गौर करेंगे तो पाएं कि आज भी लोग हंसने-हंसाने के लिए चुटकुलों का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चुटकुले यानी जोक्स की शुरुआत आखिर कैसे हुई? आज जो मीम्स, स्टैंड-अप कॉमेडी और मजेदार वीडियो हमें हंसाते हैं, उनकी शुरुआत हुई कैसे। आइए जानते हैं कि चुटकुलों का इतिहास क्या है और दुनिया का सबसे पुराना चुटकुला (World's Oldest Joke) कौन सा है।
विश्व हास्य दिवस पर पढ़ें चुटकुलों का इतिहास
कब और कैसे हुई थी चुटकुलों की शुरुआत
इतिहास के पन्नों को पलटें तो चुटकुलों का सबसे पुराना प्रमाण हमें प्राचीन यूनान मतलब कि आज के ग्रीस में मिलता है। फिलोगेलोस (Philogelos) नाम की एक किताब, जिसे लगभग 1600 साल पहले लिखा गया माना जाता है, दुनिया की सबसे पुरानी जोक बुक कही जाती है। इस किताब में 265 छोटे-छोटे चुटकुले और हास्य कथाएं थीं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई चुटकुले आज के समय में लोगों के हंसी का कारण बनते हैं। यह साबित करता है कि इंसानी हास्य का स्वभाव समय के साथ बहुत ज्यादा नहीं बदला है।
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चुटकुलों पर भी चलती थी कैंची
मध्यकालीन दौर में, खासकर 10वीं से 15वीं सदी के बीच, चुटकुलों का स्वरूप धीरे-धीरे बदलने लगा। इस समय में हास्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि समाज और सत्ता पर व्यंग्य करने का एक माध्यम भी बन गया। हालांकि, उस दौर में हर तरह का मजाक स्वीकार्य नहीं था। राजा, धार्मिक संस्थाओं या सत्ता के खिलाफ मजाक करना कई बार खतरनाक साबित हो सकता था।
प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कार से आई क्रांति
15वीं सदी में जब प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार हुआ, तो चुटकुलों और हास्य साहित्य का प्रसार तेजी से बढ़ा। यूरोप में चैपबुक्स (Chapbooks) नाम की छोटी-छोटी किताबें लोकप्रिय हुईं, जिनमें मजेदार कहानियां, किस्से और चुटकुले छापे जाते थे। ये किताबें आम लोगों के बीच आसानी से पहुंचने लगीं और हास्य लोगों की संस्कृति और डेली लाइफ का हिस्सा बन गया।
फिलोगेलोस से फनी मीम्स तक: चुटकुलों का दिलचस्प सफर
18वीं सदी में हास्य और व्यंग्य ने एक नया रूप लिया। प्रसिद्ध लेखक जोनाथन स्विफ्ट ने अपने व्यंग्यात्मक लेखन के जरिए समाज की कुरीतियों और विसंगतियों पर तीखा कटाक्ष किया। उनकी किताब ए मॉडेस्ट प्रपोजल (A Modest Proposal) इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें उन्होंने व्यंग्य के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर किया। हालांकि, इस तरह के व्यंग्य को लेकर अकसर विवाद भी होते रहे।
समय के साथ-साथ चुटकुलों का रूप और माध्यम दोनों बदलते गए। 20वीं सदी में रेडियो, सिनेमा और टेलीविजन ने हास्य को एक नई ऊंचाई दी। स्टैंड-अप कॉमेडी, सिचुएशनल कॉमेडी (सिटकॉम) और फिल्मों के जरिए हास्य आम लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया।
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21वीं सदी में इंटरनेट और सोशल मीडिया ने चुटकुलों की दुनिया में क्रांति ला दी। अब हास्य मीम्स, वीडियो और रील्स के रूप में लोगों तक पहुंचने लगे। आज कोई भी व्यक्ति अपने विचारों और अनुभवों को मजाकिया अंदाज में पूरी दुनिया तक पहुंचा सकता है।
दुनिया का सबसे पुराना चुटकुला क्या है
साल 2008 में वॉल्वरहैम्प्टन विश्वविद्यालय ने रिसर्च के बाद दुनिया के 10 सबसे पुराने चुटकुलों की सूची जारी की थी। इसमें सबसे पहले पायदान पर जो जोक था वह 1900 साल पुराना बताया गया। यह चुटकुला प्राचीन सुमेर (मेसोपोटामिया) सभ्यता से जुड़ा है। बताया जाता है कि यह चुटकुला तब किसी पत्थर पर लिखा गया था। हैरानी की बात यह है कि इसका विषय आज भी लोगों को चौंका सकता है। दरअसल चुटकुले का सार ये था-
'ऐसी चीज जो कभी नहीं हुई: एक जवान पत्नी ने अपने पति की गोद में गैस नहीं छोड़ी।'
यह सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह दिखाता है कि हजारों साल पहले भी लोगों का हास्यबोध आज जैसा ही था, साधारण, रोजमर्रा की स्थितियों पर आधारित और थोड़ा शरारती भी।
इतिहासकारों का मानना है कि यह चुटकुला उस समय की सामाजिक सोच और रिश्तों की सहजता का प्रतिबिंब है। इससे यह भी पता चलता है कि इंसान चाहे किसी भी युग में रहा हो, हंसने-हंसाने की भावना हमेशा एक जैसी रही है।
