चम्मच एक ऐसा उपकरण है जिसका इस्तेमाल हर घर में किया जाता है। लेकिन इसका इतिहास काफी पुराना और दिलचस्प है। यह सिर्फ एक खाने का उपकरण नहीं, बल्कि समय के साथ मानव सभ्यता के विकास का प्रतीक भी रहा है। चम्मच का उपयोग मानव सभ्यता जितना ही पुराना मालूम होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इसका आविष्कार कब और कैसे हुआ था।
चम्मच का आविष्कार कब और कैसे हुआ (Photo: Canva)
चम्मच का रोचक इतिहास
इतिहास उठाकर देखें तो मालूम होता है कि प्राचीन काल में चम्मच का आविष्कार किया गया। इसका आविष्कार मूल रूप से मिस्र में हुआ था। लगभग 1000 ईसा पूर्व वहां लकड़ी, स्लेट, पत्थर, हाथीदांत और कई तरह के धातुओं से चम्मच बनाए जाते थे। इनका इस्तेमाल खाने को स्कूप करने और तरल पदार्थ पीने के लिए होता था। अमीर लोग सोने, चांदी और कांस्य के चम्मच का इस्तेमाल करते थे।
मिस्र और रोमन सभ्यताओं में महत्व
प्राचीन मिस्र में, चम्मचों को धार्मिक अनुष्ठानों और शाही अंत्येष्टि में भी इस्तेमाल किया जाता था, और अक्सर इन्हें कीमती धातुओं और अलंकरणों से सजाया जाता थ। रोमन साम्राज्य में कई तरह के चम्मच बनाए जाते थे, जैसे कि "लिगुला (ligula) जिसमें एक छोटा, गोलाकार कटोरा और एक नुकीला हैंडल होता था, और कोक्लिअरी (cochleari) जिसका उपयोग अंडे और घोंघे खाने के लिए किया जाता था।
हड़प्पा सभ्यता
मोहनजोदड़ो की खुदाई में भी चम्मच जैसे उपकरणों के प्रमाण मिले थे, जो लगभग 2000 ईसा पूर्व के माने जाते हैं। इतिहासकारों का मानना है कि हड़प्पावासी इनका उपयोग आभूषण के तौर पर करते थे और ये सेलखड़ी नामक चट्टान से बने होते थे। वहीं प्राचीन यूनानियों और रोमियों ने भी कांसे और चांदी के चम्मच का उपयोग किया।मध्य युग में इस चीज से बनाए जाते थे चम्मचमध्य युग (476 ईस्वी - 1492 ईस्वी): यूरोप में इस दौरान सींग, लकड़ी, जस्ता और पीतल से चम्मच बनाए जाने लगे। ये दिखने में खूबसूरत होते थे और इन्हें बनाना काफी आसान होता था।
इंग्लैंड में चम्मच का पहला उल्लेख
अंग्रेजों के इतिहास में चम्मच का सबसे पहला उल्लेख 1259 में मिलता है, जो राजा एडवर्ड प्रथम के समय का है। वहीं 15वीं शताब्दी में इसे कांटा-चम्मच का रूप मिला, यानी फोर्क का उपयोग भी इसी समय से शुरू हुआ। मध्य युग के दौरान धातु के चम्मचों की शुरुआत के साथ, यह यूरोपीय राजपरिवार और आम लोगों के बीच समान रूप से लोकप्रिय हो गया।
प्राचीन काल में किस लिए किया जाता था चम्मच का इस्तेमाल
प्राचीन काल में चम्मच का इस्तेमाल कई उद्देश्यों के लिए किया जाता था। चलिए जानते हैं किन किन कामों के लिए किया जाता था चम्मच का इस्तेमाल।
भोजन के लिए
चम्मच का इस्तेमाल सबसे पहले खाना खाने के लिए किया जाता था। प्राचीन काल में चम्मच सीपियां, लकड़ी के टुकड़े, या जानवरों की हड्डियां आदि से बनाए जाते थे। इनका उपयोग तरल या अर्ध-तरल खाद्य पदार्थों, जैसे सूप, दलिया, या सॉफ्ट फूड को खाने के लिए किया जाता था।
धार्मिक और अनुष्ठान के लिए
प्राचीन मिस्र में, चम्मचों का इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी किया जाता था और अक्सर उन्हें धार्मिक प्रतीकों से सजाया जाता था। शाही परिवारों में, चम्मच अक्सर धन और शक्ति का प्रतीक होते थे। इंग्लैंड में, राजाओं के राज्याभिषेक समारोह में अभिषेक के लिए एक विशेष चम्मच का इस्तेमाल किया जाता था, जो आज भी ब्रिटिश शाही विरासत का सबसे पुराना हिस्सा है।
औषधीय माप के लिए
कुछ चम्मचों का उपयोग जड़ी-बूटियों, दवाओं, या अन्य छोटी मात्रा की चीजों को मापने या निकालने के लिए भी किया जाता था। उदाहरण के लिए, कान साफ करने के लिए "इयर स्पून" का भी इस्तेमाल होता था।
धन और स्थिति का प्रतीक
जैसे-जैसे धातु के चम्मच (जैसे कांस्य, चांदी और सोने के) बनने लगे, वे रॉयल्टी का प्रतीक बनते गए।
कितने प्रकार के होते हैं चम्मच
टेबल स्पून (Table Spoon)
यह एक सामान्य आकार का चम्मच होता है, जिसका इस्तेमाल चावल, दाल, सब्जी खाने के लिए किया जाता है।
टी स्पून (Tea Spoon):
यह टेबल स्पून से छोटा होता है, जिसका इस्तेमाल चाय या कॉफी में चीनी मिलाने के लिए होता है।
डेज़र्ट स्पून (Dessert Spoon)
यह टेबल स्पून से थोड़ा छोटा और टी स्पून से थोड़ा बड़ा होता है, जिसका इस्तेमा मिठाई, पुडिंग या आइसक्रीम खाने के लिए किया जाता है।
सूप स्पून (Soup Spoon)
इसका इस्तेमाल सूप पीने के लिए किया जाता है।
सर्विंग स्पून (Serving Spoon)
यह आमतौर पर बड़ा होता है और इसका इस्तेमाल खाना परोसने के लिए किया जाता है, जैसे सब्जी, दाल या चावल।
आइसक्रीम स्पून (Ice Cream Spoon)
शुगर स्पून (Sugar Spoon)
कॉफी स्पून (Coffee Spoon):
सलाद स्पून (Salad Spoon)
लौटा (Ladle)
स्लॉटेड स्पून (Slotted Spoon)
मीक्सिंग स्पून (Mixing Spoon)
टेस्टिंग स्पून (Tasting Spoon)
समय के साथ कितना बदला चम्मच का डिजाइन
सबसे शुरुआती चम्मच (पाषाण युग)
इंसान ने सबसे पहले नेचुरल चीज़ों जैसे शंख, खोल, लकड़ी के टुकड़े और पत्तों का इस्तेमाल खाने को निकालने या तरल पदार्थ पीने के लिए किया। "स्पून" शब्द एंग्लो-सैक्सन शब्द "spon" से आया है, जिसका अर्थ है 'लकड़ी का चिप' होता है।
प्राचीन मिस्र (लगभग 1000 ईसा पूर्व)
मिस्रवासियों ने हाथी के दांत, चकमक पत्थर, स्लेट और लकड़ी के चम्मच बनाए। ये अक्सर धार्मिक प्रतीकों से सजे होते थे और मुख्य रूप से धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। उनका डिज़ाइन कलात्मक और अलंकृत था।
प्राचीन ग्रीक और रोमन
ये मुख्य रूप से कांस्य और चांदी के चम्मच बनाते थे। हैंडल अक्सर एक नुकीली डंडी या कांटे के आकार का होता था। रोमन चम्मचों में "लिगुला" (अंडाकार कटोरा और सजावटी हैंडल) और "कॉक्लीयर" (छोटा गोल कटोरा और नुकीला हैंडल) जैसे डिज़ाइन शामिल थे।
15वीं शताब्दी
इस समय फोल्डिंग चम्मचों का विकास हुआ, जिन्हें आसानी से जेब में रखा जा सकता था।
16वीं शताब्दी (ट्यूडर काल)
अपोस्टल चम्मच काफी लोकप्रिय हुए। ये 12 या 13 के सेट में बनाए जाते थे, जिसमें प्रत्येक चम्मच के हैंडल पर एक आकृति बनी होती थी। ये अक्सर बपतिस्मा के उपहार के रूप में दिए जाते थे।
1760 में हुआ आधुनिक चम्मच का आविष्कार
लगभग 1760 के आसपास आधुनिक चम्मच विकास हुआ, जिसमें कटोरे का सिरा आधार से संकरा होता था और हैंडल का गोल सिरा नीचे की ओर मुड़ा होता था। यह डिज़ाइन आज भी चलन में है और खूब इस्तेमाल किया जाता है।
चम्मच का आधुनिकरण
मौजूदा वक्त में चम्मच अलग अलग आकार, माप और अलग अलग चीजों से बनाए जाते थे। जैसे स्टेनलेस स्टील, सिरेमिक, प्लास्टिक और लकड़ी। हर प्रकार का चम्मच किसी न किसी उद्देश्य के लिए डिज़ाइन किया गया है, जैसे सूप चम्मच, चाय का चम्मच, मिठाई का चम्मच, बड़ा चम्मच, परोसने वाला चम्मच आदि।
संक्षेप में बात करें तो चम्मच का आविष्कार किसी एक व्यक्ति ने नहीं किया, बल्कि यह जरूरतों और संसाधनों के आधार पर धीरे-धीरे विकसित हुआ। यह एक साधारण उपकरण से लेकर आज के हमारे आधुनिक किचन का एक अहम हिस्सा बन गया है।
