जब हम बाजार से भुट्टा खरीदते हैं, तो उसके ऊपर लगे सुनहरे रेशमी बालों को बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन आजकल सोशल मीडिया पर इन्हीं भुट्टे के बालों यानी कॉर्न सिल्क की खूब चर्चा हो रही है। दावा किया जा रहा है कि यह किडनी को स्वस्थ रखने और शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद कर सकता है। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि कॉर्न सिल्क की चाय या काढ़ा पीने से किडनी की पथरी गल सकती है। लेकिन क्या सच में ऐसा है? आइए जानते हैं कि इस बारे में विज्ञान क्या कहता है।
क्या सच में किडनी की पथरी का इलाज कर देते हैं भुट्टे के बाल। (Photo: iStock)
क्या होते हैं भुट्टे के बाल?
भुट्टे के दानों के ऊपर दिखाई देने वाले पतले, रेशमी धागों को कॉर्न सिल्क कहा जाता है। पारंपरिक चिकित्सा में इनका इस्तेमाल लंबे समय से पेशाब से जुड़ी परेशानियों और शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने की समस्या में किया जाता रहा है।
कॉर्न सिल्क में पोटैशियम, विटामिन K, फ्लेवोनॉयड्स और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये ऐसे तत्व हैं, जिन पर उनके संभावित स्वास्थ्य लाभों को समझने के लिए शोध किया गया है।
कॉर्न सिल्क और किडनी: विज्ञान क्या कहता है?
कॉर्न सिल्क को लेकर कुछ शुरुआती वैज्ञानिक अध्ययन हुए हैं। हालांकि, इंसानों पर इसके फायदे साबित करने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है। इसे किडनी की बीमारियों का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता।
पेशाब बढ़ाने में मदद कर सकता है
कॉर्न सिल्क को नेचुरल ड्यूरेटिक माना जाता है। इसका मतलब है कि यह पेशाब की मात्रा बढ़ाने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययनों में इसके ऐसे प्रभाव देखे गए हैं। पेशाब के जरिए शरीर से अतिरिक्त पानी और कुछ लवण बाहर निकलते हैं। हालांकि, यह साबित नहीं हुआ है कि कॉर्न सिल्क का सेवन करने से किडनी की सफाई होती है या उसकी कार्यक्षमता बेहतर हो जाती है।
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यूटीआई और सूजन में राहत मिल सकती है
यूटीआई यानी पेशाब की नली में संक्रमण होने पर जलन, बार-बार पेशाब आने और दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कॉर्न सिल्क में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने की क्षमता होने की संभावना है। इस वजह से माना जाता है कि यह पेशाब से जुड़ी कुछ परेशानियों में राहत दे सकता है। हालांकि, यूटीआई के इलाज में इसकी प्रभावशीलता के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। यह संक्रमण को खत्म करने वाली दवा का विकल्प नहीं है। यूटीआई के लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या किडनी की पथरी को गला सकता है?
कॉर्न सिल्क को लेकर सबसे बड़ा दावा यही है कि इससे किडनी की पथरी गल सकती है। लेकिन फिलहाल इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। कुछ शुरुआती शोध में कॉर्न सिल्क के ऐसे गुणों का अध्ययन किया गया है, जो पथरी बनने या उसके बाहर निकलने की प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि इसकी चाय पीने से पथरी निश्चित रूप से गल जाएगी या निकल जाएगी।
पथरी का इलाज उसके आकार, जगह और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए पथरी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराना चाहिए।
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कॉर्न सिल्क का सेवन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
कॉर्न सिल्क प्राकृतिक चीज है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। इसके संभावित फायदे और नुकसान समझना जरूरी है।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज: कुछ शुरुआती अध्ययनों में कॉर्न सिल्क के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर कम करने वाले संभावित प्रभावों का जिक्र है। अगर आप इन समस्याओं की दवाएं लेते हैं, तो इसके नियमित सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोग: कॉर्न सिल्क में पोटैशियम समेत कई खनिज तत्व होते हैं। जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, उनके लिए पोटैशियम का स्तर नियंत्रित रखना जरूरी हो सकता है। इसलिए ऐसे मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन न करें।
क्या भुट्टे के बालों की चाय पीनी चाहिए?
कॉर्न सिल्क की चाय एक पारंपरिक हर्बल पेय है। शुरुआती शोध में इसके कुछ संभावित फायदे सामने आए हैं, लेकिन इंसानों पर इसके असर को लेकर अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए इसे किडनी की सफाई, पथरी गलाने या यूटीआई ठीक करने का घरेलू इलाज मानना सही नहीं है। अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज टालने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
याद रखें, किसी चीज का प्राकृतिक होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या फायदेमंद होगी। कॉर्न सिल्क को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले, खासकर अगर आप किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
