Chaat History: जब भी बाहर घूमने जाने की बात होती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग चटपटे स्ट्रीट फूड्स का ख्याल आता है। लड़कियां खासकर स्ट्रीट फूड्स की दीवानी होती हैं। स्ट्रीट फूड्स की बात हो और चाट का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। दिल्ली में रहने वाले लोग तो चाट के दीवाने होते हैं। यहां आप कई तरह के चाट का जायका चखने को मिल सकता है। चाट एक ऐसा स्ट्रीट फूड है जिसे हर कोई बड़े शौक से खाना पसंद करता है। शायद ही कोई हो जिसे चाट खाना पसंद ना हो। कोरोना काल में चाट लवर्स ने घर पर ही कई तरह के चाट का लुत्फ उठाया होगा। चाट का स्वाद लेकर तो सभी खाते हैं लेकिन इसके इतिहास के बारे में शायद ही कोई जानता होगा। ऐसे में आज हम आपको चाट के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं।
कैसे हुई चाट की शुरुआत
वैसे तो आपको देश के अलग अलग हिस्सों में चाट का स्वाद चखने को मिल जाएगा। चाट का इतिहास भी काफी दिलचस्प है। चाट की शुरुआत 16वीं शताब्दी में की गई थी। ऐसा कहा जाता है कि 16वीं शताब्दी में जब सम्राट शाहजहां और उनकी सेना यमुना किनारे बसने आई, तो यहां का पानी पीने की वजह से हैजा फैल गया था। हैजा से बचने के लिए उस दौर के चिकित्सक ने सम्राट को बैक्टीरिया मारने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थ को बनाने की सलाह दी, जिसमें विभिन्न तरह के स्वाद और मसाले को इस्तेमाल किया गया हो। चिकित्सक की सलाह पर तीखा, मीठा और खट्टा स्वाद मिलाकर मसालों, इमली और जड़ी-बूटियों के पेस्ट के साथ चाट बनाई गई, जिसे उस समय पूरी दिल्ली के लोगों ने खाया था। हैजा के इलाज के लिए बनी चाट का स्वाद आज दुनियाभर में लोग बड़े शैक से चख रहे हैं।चाट बनाने की रेसिपी
आलू चाट
आलू का चाट आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं। आलू चाट बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए आलू लें। इसमें हल्दी, जीरा जैसे मसालों के साथ नींबू का रस मिलाएं और ऊपर से अनारदाना डालाकर जायके का इस चटपटे चाट का लुत्फ उठाएं।
चना चाट
इसको बनाने के लिए छोले को बारीक कटे प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया और नीबू के रस के साथ मिलाएं और फिर इसका आनंद लें।
फ्रूट चाट
फ्रूट चाट बनाने के लिए फलों को काट लें। इसके लिए आप सेब, केला, अंगूर और जो भी फल आपको पसंद हो ले सकते हैं। अब इसमें थोड़ा काला नमक और चाट मसाला मिलाएं और फिर इसका जायका चखें।
