Bobby Pin kya hoti hai (What is a Bobby Pin): ड्रेसिंग टेबल पर रखी वह छोटी-सी काली पिन, जिसे जरूरत पड़ते ही बालों में लगाकर हम भूल जाते हैं, असल में फैशन की करीब सौ साल पुरानी कहानी अपने साथ लिए घूमती है। मजेदार बात यह है कि ‘बॉबी पिन’ का बॉबी किसी इंसान का नाम नहीं है। न इसका कनेक्शन बॉबी देओल से है और न ही परवीन बॉबी से। इसकी कहानी पहुंचती है 1920 के उस दौर में, जब महिलाओं ने लंबे बालों को पीछे छोड़कर छोटे बालों वाले नए अंदाज को अपनाना शुरू किया था।
बॉबी पिन की कहानी
यह सिर्फ हेयरस्टाइल में बदलाव नहीं था, बल्कि उस समय के बदलते फैशन और सोच की भी झलक थी। लेकिन छोटे बालों को करीने से टिकाए रखना आसान नहीं था। तभी एक छोटी-सी पिन काम आई और धीरे-धीरे उसी हेयरस्टाइल से उसका नाम जुड़ गया। आज हम इसे रोजमर्रा की मामूली चीज समझते हैं, लेकिन इसकी कहानी बताती है कि फैशन की दुनिया में कभी-कभी सबसे छोटी चीज ही सबसे लंबी कहानी छोड़ जाती है।
पहले आया ‘बॉब’, फिर उसकी कहानी में आई ‘बॉबी’
1920 के उस दौर की कल्पना कीजिए, जहां महिलाओं के लंबे बालों की जगह अचानक छोटे, करीने से कटे बाल फैशन में आने लगे थे। इस हेयरस्टाइल को ‘बॉब कट’ कहा जाता था। आज आपको बेशक ही ये नाम सुनने में नया नहीं लग रहा होगा, लेकिन उस दशक में ये नाम बेहद यूनीक था। आज ये नाम इतना आम है कि हम इसे सुनकर शायद ज्यादा सोचें भी नहीं, लेकिन तब छोटे बाल रखना अपने आप में एक बड़ा फैशन बदलाव था।
और यहीं से शुरू हुई छोटी-सी बॉबी पिन की कहानी..
छोटे बाल देखने में जितने स्टाइलिश थे, उन्हें मनमाफिक जगह पर टिकाए रखना उतना ही आसान नहीं था। बालों की लटें इधर-उधर निकलतीं और पूरा हेयरस्टाइल कुछ ही देर में बेहाल हो जाता था। ऐसे में एक नए से हेयरस्टाइल के साथ साथ एक छोटी और नए तरीके की हेयर पिन की डिमांड भी बहुत बढ़ गई।
बॉब कट और बॉबी पिन
ब्रिटेन से अमरिका आई बॉबी पिन
मजेदार बात ये है कि बॉबी पिन असल में बिल्कुल नई चीज नहीं थी। ब्रिटेन में इसी तरह की पिन पहले से ‘किर्बी ग्रिप’ के नाम से इस्तेमाल होती थी। फिर जब यही पिन अमेरिका पहुंची, तो इसका नाम भी बदलते-बदलते ‘बॉबी पिन’ हो गया। यानी पिन वही रही, बस देश बदला और नाम को नया फैशन मिल गया
फैशन की दुनिया में जहां हर रोज कुछ नया ट्रेंडी बन जाता है। उस दुनिया में बॉब कट से लेकर लंबे बालों तक, खुले बालों से लेकर जूड़े तक, चोटी से लेकर मॉर्डन हेयरस्टाइल तक, हर दौर में बॉबी पिन की जगह वहीं की वहीं रही है।
बॉबी पिन और साधारण पिन में अंतर
बॉबी पिन और साधारण पिन में अंतर सिर्फ नाम का नहीं, डिजाइन का भी है। बॉबी पिन के दो हिस्से लहरदार/वेवी और एक-दूसरे के ऊपर टिके होते हैं, जिससे बालों को मजबूती से पकड़कर रखा जा सके। वहीं साधारण पिन अक्सर सीधी होती है और हल्की पकड़ के लिए इस्तेमाल होती है। आसान भाषा में कहें तो साधारण पिन बाल सजाती है, जबकि बॉबी पिन हेयरस्टाइल को टिकाकर रखती है।
बॉबी पिन Vs सिंपल पिन
क्या बॉबी पिन बालों के लिए अच्छे होते हैं?
बॉबी पिन बालों के लिए बुरी नहीं होती, बस इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। ढीली पिन बालों को आसानी से संभाल लेती है, लेकिन बहुत कसकर लगाने या बार-बार खींचकर निकालने से बाल टूट सकते हैं। गीले बालों में पिन लगाने से भी बचें। यानी पिन खुद समस्या नहीं, गलत तरीके से इस्तेमाल करना असली झंझट है।
बॉबी पिन के डिजाइन
बॉबी पिन अब सिर्फ सिंपल और बोरिंग सी काली पिन तक सीमित नहीं है। आज बाजार में मोती वाली, फूलों की सजावट वाली, रंगीन, सुनहरी और चांदी जैसी बॉबी पिन भी मिलती हैं। कुछ पिन बिल्कुल सादी होती हैं, तो कुछ खुद हेयरस्टाइल का हिस्सा बन जाती हैं। खास मौकों पर सजावटी बॉबी पिन जूड़े या खुले बालों में लगाकर पूरे लुक को बिना ज्यादा मेहनत के थोड़ा ग्लैमरस बनाया जा सकता है।
बच्चों के लिए बेस्ट बॉबी पिन डिजाइन
बच्चों के लिए आप सिलिकॉन या प्लास्टिक वाली बॉबी पिन चुन सकते हैं। रंग-बिरंगे फूल, तितली, सितारे, छोटे मोती या कार्टून वाली पिन बच्चों के हेयरस्टाइल को प्यारा बना सकती हैं।
तो अगली बार जब ड्रेसिंग टेबल पर पड़ी छोटी-सी बॉबी पिन उठाएं, तो उसे सिर्फ बालों की पिन मत समझिए। उसके पीछे 1920 के दशक का बदलता फैशन, छोटे बालों का जुनून और महिलाओं के बदलते स्टाइल की कहानी छिपी है।
