Basant Panchami Mehndi designs 2026 (बसंत पंचमी मेहंदी डिजाइन): साल 2026 में 23 जनवरी को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। ये खास दिन विद्या की देवी, मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन पीले कपड़े पहनकर माता की पूजा की जाती है तो साथ ही महिलाएं सजती-संवरती भी हैं। अब सजने संवरने में मेहंदी का नाम तो जरूर आता है। अगर आप भी बसंत पंचमी के दिन मेहंदी लगाना चाहती हैं तो यहां से मेहंदी से जबरदस्त डिजाइन्स देख सकती हैं।
बसंत पंचमी मेहंदी डिजाइन 2026 (pc: pinterest)
Mehndi Designs For Saraswati Puja 2026-
हंसों के जोड़े वाली मेहंदी डिजाइन (pc: pinterest)
दो हंसों के जोड़े वाली मेहंदी इन दिनों काफी ज्यादा ट्रेंड में है। आप इस मेहंदी से अपनी हथेली सजा सकते हैं। हंस वाली मेहंदी देखने में कमाल लगती है और ये बसंत पंचमी के लिए स्पेशल भी है।
अगर आप बसंत पंचमी के दिन मेहंदी लगा रही हैं तो मां सरस्वती की फोटो वाली मेहंदी जरूर लगाएं। इस डिजाइन को देख हर कोई आपकी ही तारीफ करेगा।
माता की फोटो वाली मेहंदी बसंत पंचमी के समय मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड में रहती है। इसे छोटी बच्चियां भी अपनी हथेली पर रचाती हैं।
अगर आपको सरस्वती माता की फोटो वाली ही मेहंदी लगानी है तो आप इस क्यूट डिजाइन को देख सकते हैं। ये डिजाइन आपके हाथों की शोभा बढ़ा देगी।
लोटस मेहंदी डिजाइन हथेली पर आगे और पीछे के हाथ दोनों पर ही कमाल लगती है। हाथों पर कमल का फूल सजाकर आप हर किसी की फेवरेट भी बन जाएंगी।
अगर आप चाहें तो कमल के फूल पर मां सरस्वती को बिठाकर, ऐसी मेहदी रचा सकती हैं। ये डिजाइन यकीकन उनके लिए बेस्ट है जो अपने हाथों पर भरा-भरा डिजाइन पसंद करते हैं।
मोर वाली मेहंदी तो भला किसे नहीं पसंद आती है। अगर आपको भी इसी डिजाइन का शौक है तो यहां दिए गए फोटो को हुबहू अपने हाथ पर कॉपी करें। बस फिर क्या लोग पूछेंगे कि ये डिजाइन कहां से मिला।
सिंपल मेहंदी डिजाइन पसंद करने वालों की कमी नहीं है। अगर आपको ये डिजाइन भाता है तो आप इसे आसानी से रचा सकते हैं। इसे लगाना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस आपको एक गोल बनाकर अंदर हैप्पी बसंत पंचमी लिखना है। और आसपास कुछ सर्कल वाले डिजाइन बना देने हैं।
जालीदार मेहंदी पिछले कई समय से महिलाओं की फेवरेट रही है। ये नई दुल्हनों को भी पसंद आती है और इसके डिजाइन्स काफी आसान होते हैं। आप चाहें तो इस डिजाइन से अपने हाथ की खूबसूरती बढ़ा सकती हैं।
