Silk Saree भारतीय महिलाओं के वार्डरोब का एक खास हिस्सा होती है। जिसे शादियों, त्योहारों और खास मौकों पर पहनना पसंद किया जाता है। इसकी चमक, मुलायम बनावट और रॉयल लुक इसे बाकी फैब्रिक से अलग बनाते हैं। लेकिन आज के समय में बाजार में नकली सिल्क साड़ियों की भरमार है, जो देखने में लगभग असली जैसी ही लगती हैं। कई बार लोग ऊंची कीमत देकर भी असली सिल्क नहीं खरीद पाते और ठगे जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ बेसिक बातों और आसान तरीकों को जान लें, जिनकी मदद से आप असली और नकली सिल्क में फर्क कर सकें। सही जानकारी के साथ आप न सिर्फ अपनी खरीदारी को स्मार्ट बना सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली क्वालिटी भी पा सकते हैं।
1. बर्न टेस्ट (Burn Test)
सिल्क की पहचान का सबसे पुराना तरीका बर्न टेस्ट है। असली सिल्क जलाने पर बालों जैसी गंध आती है और राख पाउडर जैसी बन जाती है। जबकि नकली सिल्क प्लास्टिक जैसी गंध देता है और पिघलता है। (यह टेस्ट सावधानी से करें)
2. टच और फील
असली सिल्क छूने में मुलायम और स्मूद होता है, लेकिन उसमें हल्की गर्माहट महसूस होती है। नकली सिल्क ज्यादा चिकना और ठंडा लगता है।
3. चमक (Shine Test)
असली सिल्क की चमक एंगल के साथ बदलती है, यानी रोशनी के अनुसार रंग थोड़ा अलग दिखता है। नकली सिल्क की चमक एक जैसी रहती है।
4. रिंग टेस्ट
सिल्क साड़ी को अगर अंगूठी से पास किया जाए, तो असली सिल्क आसानी से निकल जाता है। नकली सिल्क में यह फ्लो कम होता है।
5. कीमत से पहचान
असली सिल्क साड़ी कभी बहुत सस्ती नहीं होती। अगर कीमत बहुत कम है, तो उसमें शक करने की जरूरत है।
6. लेबल और सर्टिफिकेट देखें
असली सिल्क साड़ियों पर अक्सर 'Silk Mark' का टैग होता है, जो उसकी ऑथेंटिसिटी को दर्शाता है।
7. धागे की जांच
असली सिल्क के धागे अनियमित होते हैं, जबकि नकली सिल्क के धागे एक जैसे और परफेक्ट दिखते हैं।
सिल्क की साड़ी खरीदते समय थोड़ी सी समझदारी आपको धोखे से बचा सकती है। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप असली और नकली सिल्क में फर्क कर सकते हैं और एक सही व क्वालिटी साड़ी खरीद सकते हैं। जरूर ही आप जब अगली बार कोई सिल्क की साड़ी खरीदने जाएं, तो इन सिंपल सी ट्रिक्स को अपनाकर अवश्य देखें।
