बॉलीवुड के बड़े सितारों की जिंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखाई देती है, उनके सफर में उतने ही उतार-चढ़ाव भी रहे हैं। मोटिवेशनल स्पीकर और उद्यमी अंकुर वारिकू (ANkur Warikoo) ने शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, आमिर खान और ऋतिक रोशन के करियर से जुड़े कुछ ऐसे सबक साझा किए, जिन्हें आम जिंदगी में भी अपना कर सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।
बॉलीवुड सुपरस्टार्स से सीखें सफल जीवन के ये अनमोल सबक
शाहरुख खान
शाहरुख खान से सीखें कि शुरुआत के लिए परफेक्ट हालात जरूरी नहीं। शाहरुख ने अपने माता-पिता को कम उम्र में खो दिया और बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के मुंबई का रुख किया। शुरुआत में उन्होंने ऐसे किरदार भी निभाए जो पारंपरिक हीरो की छवि से अलग थे। उनके सफर से यह सीख मिलती है कि अवसर का इंतजार करने के बजाय हिम्मत और लगातार प्रयास के साथ शुरुआत करना ज्यादा जरूरी है।
अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन की कहानी बताती है कि उम्र सफलता की सीमा नहीं है। अपने करियर की ऊंचाइयों तक पहुंचने के बाद उन्हें आर्थिक और पेशेवर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनकी कंपनी के दिवालिया होने के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाई और टेलीविजन का रुख किया। उम्र के उस पड़ाव पर एक बिल्कुल नए माध्यम और दर्शकों के बीच खुद को स्थापित करना उनके लिए बड़ा बदलाव था। इससे सीख मिलती है कि परिस्थितियां बदलें तो खुद को बदलने में देर नहीं करनी चाहिए।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: हर चुनौती का सामना करने का दम देती है सरदार पटेल की ये बात
अक्षय कुमार
अक्षय कुमार की जिंदगी में अनुशासन सबसे अहम सबक है। लंबे समय तक लगातार काम करने और फिटनेस के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने रूटीन को लेकर काफी सजग रहे हैं। वारिकू के मुताबिक, उनके करियर से यह समझा जा सकता है कि लंबे समय तक मिलने वाली सफलता अक्सर बाहर से आसान दिखती है, लेकिन उसके पीछे रोजाना की आदतों, समय की पाबंदी और अनुशासन की बड़ी भूमिका होती है।
आमिर खान
आमिर खान सिखाते हैं कि कम काम करें तो भी उसे यादगार बनाएं। वह दूसरे कई कलाकारों की तुलना में कम फिल्मों में दिखाई देते हैं, लेकिन किसी प्रोजेक्ट को चुनने के बाद उस पर पूरी ऊर्जा लगाने के लिए जाने जाते हैं। उनका उदाहरण यह सवाल उठाता है कि व्यस्त दिखना ज्यादा महत्वपूर्ण है या जो काम करें, उसकी गुणवत्ता ऐसी हो कि वह लंबे समय तक याद रहे।
ऋतिक रोशन
ऋतिक रोशन की कहानी बताती है कि मुश्किलें अंत नहीं होतीं। बचपन में बोलने से जुड़ी परेशानी से लेकर करियर के चरम पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती तक, ऋतिक ने कई मुश्किलों का सामना किया। इसके बावजूद उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाया। उनके सफर से यह संदेश मिलता है कि असफलता या मुश्किल दौर को अपनी अंतिम पहचान मानने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: पछतावे के दलदल से निकलने में मदद करेंगी ये 5 किताबें
इन सितारों की कहानियों को अपनी जिंदगी से तुलना करने के बजाय उनसे सीख लेने के तौर पर देखना ज्यादा उपयोगी है। हर व्यक्ति के संसाधन, अवसर और परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए सवाल यह नहीं होना चाहिए कि हम उनके मुकाम तक क्यों नहीं पहुंच पाए, बल्कि यह होना चाहिए कि उनके सफर से अपनी जिंदगी के लिए क्या सीखा जा सकता है। साहस, अनुशासन, निरंतर प्रयास और बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को ढालने की क्षमता किसी भी व्यक्ति के विकास में मदद कर सकती है।
