STSS Bacteria: जापान में पिछले कुछ समय से एक जानलेवा बीमारी की वजह से डर का माहौल है। इस बीमारी को कोरोना महामारी से भी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। इसकी चपेट में आने वाले इंसान की मौत तक हो सकती है। हम बात कर रहे हैं एक खास तरह के बैक्टीरिया की जिसे स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (STSS) के नाम से जाना जाता है।
STSS बैक्टीरिया
नेशनल इंस्टीट्यूड ऑफ इन्फेक्शियस डिजीज के मुताबिक, एसटीएसएस बैक्टीरिया की वजह से 48 घंटे के भीतर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। वहीं, युवाओं की तुलना में अधेड़ उम्र के लोगों (65 प्लस) में इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है।
क्यों घातक है STSS बैक्टीरिया?
इस बैक्टीरिया को कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक इसलिए बताया जा रहा है, क्योंकि यह इंसानों को संक्रमित करने के बाद भीतर ही भीतर उनकी कोशिकाओं और ऊतको को नष्ट कर देता है तभी इस बैक्टीरिया को 'मांस खाने वाला बैक्टीरिया' भी कहा जाता है। इससे पीड़ित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता में तेजी से गिरावट आती है और 48 घंटे के भीतर ही व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।
STSS बैक्टीरिया
STSS बैक्टीरिया इंसान के शरीर में दाखिल होने के बाद खून में मिलकर कुछ विषैले पदार्थ छोड़ता है। जिसकी वजह से मल्टी ऑर्गन फेल्योर का खतरा बना रहा है और भीतर ही भीतर शरीर की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं।
STSS बैक्टीरिया के लक्षण
- शरीर में दर्द
- तेज बुखार
- दस्त
- मितली/उल्टी
- चक्कर
- लो ब्लड प्रेशर
- त्वचा में लाल दाने इत्यादि
कैसे फैलता है STSS बैक्टीरिया?
STSS बेहद गंभीर बैक्टीरिया है। अगर आपके शरीर में एक छोटी सी चोट भी लगी है या छोटा कट भी है तो यह उससे दाखिल होने की क्षमता रखता है। इसके अलावा खुली चोट हो या फिर सर्जरी हुई हो तो यह शरीर में दाखिल हो सकता है। ऐसे में चोट का सही उपचार करवाना चाहिए। साथ ही साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। जापान सहित कई देशों में एसटीएसएस के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, जापान इससे सबसे ज्यादा आहत है।
