NCPA: टाटा समूह के मानद चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का पार्थिव शरीर गुरुवार को मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित एनसीपीए लॉन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। बता दें कि रतन टाटा के पार्थिव शरीर को दोपहर 4 बजे एनसीपीए से अंतिम संस्कार के लिए वर्ली ले जाया जाएगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाने वाले रतन टाटा के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए जिस स्थान पर रखा गया है उसकी स्थापना आखिर किसने की थी तो चलिए इसके बारे में विस्तार से समझते हैं।
दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा
क्या है एनसीपीए? (What is NCPA)
एनसीपीए का पूरा नाम नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स है, जिसे राष्ट्रीय केंद्र प्रदर्शन कला के नाम से भी जाना जाता है। आज यहां पर देश के अनमोल 'रतन' का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। एनसीपीए को बनाने के पीछे भारतीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने की कहानी छिपी हुई है।
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किसने की थी NCPA की स्थापना? (Who is The Founder of NCPA)
एनसीपीए देश का सबसे बड़ा एक परफॉर्मिंग आर्ट सेंटर है। जिसकी स्थापना साल 1969 में जेआरडी टाटा और डॉ. जमशेद भाभा ने की थी। इस केंद्र को बनाने के पीछे जेआरडी टाटा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और कला को बढ़ावा देना था। साल 1969 में एनसीपीए के निर्माण के बाद से यहां पर कई दिग्गज कलाकारों ने अपनी परफॉर्मेंस दी है।
एनसीपीए में पांच थिएटर हैं जिसमें टाटा थिएटर भी शामिल है, जिसे अमेरिकी वास्तुकार फिलिप जॉनसन ने डिजाइन किया है। एनसीपीए में गैलरी, लाइब्रेरी, रेस्त्रां और रिसेप्शन एरिया भी है। एनसीपीए उन्नत उपकरण की वजह से विदेशी आयोजकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है जिसकी बदौलत हर साल यहां पर भारी मात्रा में कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
