मिल्की-वे के इस क्लस्टर में छिपे हैं अतीत के रहस्य, एक के बाद एक फटेंगे 1500 से अधिक सुपरनोवा!

Westerlund 1 Star Cluster: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक अनोखे सुपर स्टार क्लस्टर की तस्वीर साझा की है। यह हमारी घरेलू मिल्की वे गैलेक्सी के सबसे पुराने और विशाल स्टार क्लस्टर में से एक है। इसमें विशाल, विकसित, घने और विविधता से भरे हुए तारे मौजूद हैं जिनकी आबादी लगातार कम होती जा रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • 1961 में हुई थी वेस्टरलंड 1 की खोज।
  • वेस्टरलंड 1 में रोशन हो रहे हजारों सितारे।
  • स्टार क्लस्टर में तारों की विशाल और घनी आबादी है।

Westerlund 1 Star Cluster: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से एक सुपर स्टार क्लस्टर को कैप्चर किया। अगर आप इस क्लस्टर में रह रहे होते तो सैकड़ों ऐसे सितारों से भरा जगमग आसमान देखते, जिनके तमाम तारे पूर्णिमा की तरह चमकदार होते।

Westerlund 1

सुपर स्टार क्लस्टर वेस्टरलंड 1 (फोटो साभार: NASA)

अब हर साल हमारी आकाशगंगा में महज कुछ ही तारे बनते हैं, लेकिन अतीत में स्थिति इससे काफी अलग थी। ऐसा माना जाता है कि तारों का निर्माण लगभग 10 अरब साल पहले अपने चरम पर था। उस वक्त मिल्की-वे में हर साल दर्जनों या सैकड़ों बनते थे, लेकिन लगातार इसमें गिरावट आ रहा है।

End of Feed