Bangladesh Crisis: पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोहरा झटका लगा है। ब्रिटेन ने पॉलिटिकल असाइलम देने से इनकार कर दिया तो दूसरी ओर अमेरिका ने उनका वीजा रद्द कर दिया। हालांकि, शेख हसीना अब कहां जाएंगी? इसके बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि उनकी नजर यूरोपीय देशों की ओर है, लेकिन फिलहाल वह भारत में ही हैं।
कैसे मिलती है शरण? (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भारत ने शेख हसीना को शॉर्ट टाइम यानी कम समय में आने की अनुमति दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को होने वाली साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि भारत ने शेख हसीना को कम समय में आने की अनुमति प्रदान की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना की मदद के लिए भारत हमेशा तैयार रहा है, लेकिन नियम क्या कहते हैं चलिए पहले यह समझ लेते हैं।
कैसे मिलती है शरण?
अगर कोई व्यक्ति जाति, धर्म, राष्ट्रीयता या अन्य कारणों से अपने ही देश में उत्पीड़न का शिकार होता है या उसकी सुरक्षा को खतरा हो और वह अपने देश जाने से डर रहा हो तो वह किसी भी देश में शरण के लिए आवेदन कर सकता है। भारत के मामले में भी ऐसे ही नियम लागू होते हैं। 1951 के कन्वेंशन के अनुच्छेद 1(A)(2) में इसका उल्लेख किया गया है।
कहां करें अप्लाई?
युनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजी (UNHCR) के माध्यम से ही किसी व्यक्ति को अन्य देश में शरण मिलती है। दरअसल, खुद के देश में सताया गया व्यक्ति किसी अन्य देश से शरण की मांग कर सकता है और इसके लिए उसे UNHCR की वेबसाइट पर आवेदन करना पड़ेगा। इसके बाद जांच-पड़ताल होती है और फिर तय किया जाता है कि आवेदनकर्ता को शरण दी जाए या नहीं।
हालांकि, किसी देश के प्रधानमंत्री या अन्य आला अधिकारी किसी और देश में शरण लेना चाहते हैं तो वह वहां की मौजूदा सरकार से संपर्क करते हैं। ऐसे में वह अन्य देश के विदेश मंत्रालय या फिर अपने देश में मौजूद दूसरे देश के उच्चायोग से मदद मांग सकते हैं। हाल ही में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बेहद कम समय में शेख हसीना को भारत आने की अनुमति दी गई है। फिलहाल वह गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में हैं।
