Vikas Dubey Encounter: अमर दुबे के पिता 7 साल बाद अचानक हो गए 'जिंदा',जाने क्या है माजरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 10, 2020, 04:45 PM IST

Vikas Dubey aide Amar Dubey's Father Alive: गैंगस्टर विकास दुबे के  साथी रहे बदमाश अमर दुबे के पिता संजय दुबे गुरुवार को बिकरू गांव में एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान जिंदा हो उठे।

Vikas Dubey Encounter: अमर दुबे के पिता 7 साल बाद अचानक  हो गए 'जिंदा',जाने क्या है माजरा

Gangster Vikas Dubey News: क्या कोई मरने के बाद भी जिंदा हो सकता है आपका जबाव ना में होगा, लेकिन कानपुर में तो कम से कम ऐसा ही हुआ है, कानपुर (Kanpur Shootout) में 8 पुलिस कर्मियों का हत्यारा विकास दुबे (Vikas Dubey) का करीबी साथी अमर दुबे (Amar Dubey) जो एक एनकाउंटर में मारा गया है उसके पिता जिंदा हो गए हैं। हम ऐसा क्यों कह रहे हैं इसके पीछे कुख्यात अमर सिंह के अपराध तो हैं ही साथ ही संजीव खुद भी अपराधी हैं और उनपर कई केस चल रहे हैं और सात साल पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद अंडरग्राउंड हो गया था और अपने मरने की खबर फैला दी थी ताकि पुलिस का ध्यान उनसे हट जाए।

वहीं अब पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश अमर दुबे के पिता संजय दुबे गुरुवार को बिकरू गांव में एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान जिंदा हो उठे। इसी गांव में विकास दुबे ने अमर दुबे व अन्य अपराधियों के संग मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।अमर दुबे को विकास दुबे का दायां हाथ माना जाता था। पुलिस ने उसे हमीरपुर जिले के मौदाहा में बुधवार को मार गिराया था।

मारे गए अमर दुबे के पिता संजीव पर भी हत्या की कोशिश, उगाही और लूट के मामले दर्ज 

गुरुवार को, जब पुलिसकर्मी बिकरू गांव में एनकाउंटर में मारे गए अमर की जानकारी देने पहुंचे, उन्हें पता चला कि उसका पिता अभी भी जिंदा है। खबरी पुलिस को संजीव के ठिकाने ले गया, जहां वह लगभग एक दशक से गुमनामी की जिंदगी जी रहा था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, संजीव जब अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर अपने ठिकाने से बाहर आया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि वह एक दुर्घटना में बाल-बाल बच गया था, लेकिन उसने अपना पैर खो दिया। संजीव के उपर हत्या की कोशिश, उगाही और लूट समेत 12 मामले चौबेपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, वह सात वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद अंडरग्राउंड हो गया था और परिवार वालों से यह खबर फैलाने के लिए कहा था कि वह मर गया है, ताकि उसके विरुद्ध चल रहे सारे आपराधिक मामले बंद हो जाएं।

वांटेड अपराधियों की लिस्ट में टॉप पर था अमर दुबे का नाम

कानपुर मुठभेड़ केस में यूपी पुलिस ने हमीरपुर जिले के मौदाहा में विकास के करीबी सहयोगी अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। अमर भी हिस्ट्रीशीटर और वांछित अपराधी है। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने बुधवार तड़के हुई मुठभेड़ में इस शातिर अपराधी को ढेर कर दिया था।

बिकरू गांव में गुरुवार रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरार था। पुलिस विकास को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी। कानपुर मुठभेड़ केस में अमर भी आरोपी था। कानपुर मुठभेड़ के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने अति वांछित अपराधियों की एक सूची मंगलवार को जारी की थी और इस सूची में अमर दुबे का नाम पहले नंबर पर था।

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