शादी या सौदा? सिर्फ बेटियों के लिए नहीं, समाज के लिए है कंगना का संदेश; ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर जैसे मामलों ने झकझोरा

Twisha Sharma Case: कहानी सिर्फ ट्विशा की नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों की है, जिन्होंने पीड़ाओं को खामोशी, घुटन, बेबसी मान लिया और अंत में मौत चुन ली और इन तमाम घटनाओं के साथ हम समाज को बेहतर नहीं बना रहे, बल्कि गर्त में ढकेल रहे हैं।

Twisha Sharma Case: खामोशी, घुटन, बेबसी और फिर मौत... यह महज शब्द नहीं, बल्कि आज के समाज में कई महिलाओं की हकीकत है, जो ट्विशा बन गईं, जिन्हें पहले दबाया गया और फिर उनपर 'समाज का दबाव' बनाकर चुप करा दिया जाता है। इस सच्चाई से हर कोई वाकिफ है, लेकिन बात महज इतनी है कि लोग चुप्पी के बाद का स्वर सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। इस बीच, अदाकार कंगना रनौत के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने समाज की इस कड़वी सच्चाई पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

Kangana Ranaut

भाजपा सांसद और अदाकारा कंगना रनौत (फोटो साभार: @KanganaTeam)

भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मिस्ट्री और ग्रेटर नोएडा की नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने महज दो परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है। इन घटनाओं के बीच, कंगना रनौत का यह कहना- 'आपको अपना हीरो खुद बनना होगा' सीधे उस समाजिक व्यवस्था या कहें सोच पर सीधा सवाल है, जहां यह समझा जाता है कि शादी ही लड़कियों की अंतिम मंजिल है या शादी के बिना उनकी जिंदगी कुछ नहीं इत्यादि...

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