भारतीय रेलवे के लिए साल 2025 बदलाव और भरोसे का साल साबित हुआ। इस साल आम यात्रियों को केंद्र में रखकर रेलवे ने यात्रा को जहां तेज, सुरक्षित, आरामदायक और किफायती बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए। वहीं, साल के अंत तक रेलवे एक आधुनिक नेटवर्क के रूप में उभरी, जो देश के दूर-दराज़ इलाकों को भी मजबूती से जोड़ रहा है।
भारतीय रेलवे ने इस साल हासिल की बड़ी उपलब्धियां।
ट्रेन सफर हुआ और बेहतर
2025 में देशभर में 164 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें 15 नई ट्रेनें इसी साल जोड़ी गईं। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द पटरी पर उतरने वाली है, जिससे रात का सफर पहले से ज्यादा आरामदायक होगा।
वहीं, आम यात्रियों के लिए अमृत भारत ट्रेनें राहत बनकर आईं। ये नॉन-एसी ट्रेनें बेहतर सीटिंग और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। 2025 में 13 नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू हुईं और इनकी कुल संख्या 30 पहुंच गई।
स्टेशन बने आधुनिक सुविधा केंद्र
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 155 स्टेशन पूरी तरह आधुनिक हो चुके हैं। इन स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, साफ़ टॉयलेट, फूड कोर्ट, बड़े वेटिंग हॉल और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा 2,600 से अधिक स्टेशन सोलर एनर्जी से चल रहे हैं और 6,000 से ज्यादा स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा दी गई है।
स्वच्छता और स्वाद पर जोर
रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर स्वच्छता के साथ-साथ स्थानीय व्यंजनों को भी बढ़ावा दिया है। इससे यात्रियों को साफ खाना और अपने क्षेत्र का स्वाद दोनों मिल रहे हैं।
नई पटरियां, तेज़ रफ्तार
2025 में रेलवे ने 900 किलोमीटर से ज्यादा नई रेल लाइनें शुरू कीं और बड़े पैमाने पर ट्रैक का नवीनीकरण किया। कई रूट्स पर ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाई गई। आज भारतीय रेल का लगभग 99 प्रतिशत ब्रॉडगेज नेटवर्क बिजली से संचालित हो चुका है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी अहम है।
सुरक्षा में ऐतिहासिक सुधार
रेल दुर्घटनाओं के मामले में 2025 एक मील का पत्थर रहा। कवच सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक सिग्नलिंग की मदद से हादसे अब ऐतिहासिक रूप से सबसे कम स्तर पर पहुंच गए हैं।
कश्मीर से मिजोरम तक रेल संपर्क
2025 में कश्मीर को ऑल-वेदर रेल कनेक्टिविटी मिली। चिनाब और अंजी जैसे बड़े रेल पुल भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बने। पूर्वोत्तर में बैराबी–सैरांग रेल लाइन शुरू होने से पहली बार मिजोरम की राजधानी आइजोल रेलवे नेटवर्क से जुड़ी।
नया पंबन ब्रिज, नई पहचान
रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला नया पंबन ब्रिज भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे ब्रिज है। इससे तीर्थयात्रा और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है।
माल ढुलाई में भी बड़ी छलांग
भारतीय रेल 2025 में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी फ्रेट कैरियर बन गई। इस साल 1 बिलियन टन से अधिक माल ढुलाई का रिकॉर्ड बनाया गया। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और गति शक्ति कार्गो टर्मिनल से व्यापार और उद्योग को नई रफ्तार मिली।
डिजिटल रेलवे की ओर कदम
RailOne ऐप के जरिए टिकट बुकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग, शिकायत और ई-कैटरिंग जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गईं। आधार आधारित टिकटिंग से दलालों पर लगाम लगी है।2025 में ₹25,000 करोड़ से अधिक की 42 रेलवे परियोजनाएं देश को समर्पित की गईं। स्वदेशी तकनीक, नए इनोवेशन और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर तेज़ काम ने 2026 और आगे के वर्षों के लिए रेलवे की मजबूत नींव रख दी है।
भारतीय रेलवे ने 2025 में हासिल की ये उपलब्धियां
- भारतीय रेलवे ने 2025 में भविष्य के लिए तैयार नेटवर्क की मजबूत नींव रखी, जिससे 2026 में बड़े बदलाव का रास्ता साफ हुआ।
