WFI Controversy: रेसलर बजरंग पुनिया के बाद अब विनेश फोगाट ने भी पदक लौटाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने मंगलवार शाम घोषणा की कि वह अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड लौटा रही हैं। विनेश ने यह ऐलान सोशल मीडिया पर किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस हालात में पहुंचाने के लिए 'ताकतवर' का बहुत धन्यवाद।
रेसलर विनेश फोगाट
विनेश फोगाट ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र भी साझा किया है। उन्होंने लिखा कि साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ दी है और बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री लौटा दिया है। देश के लिए ओलंपिक पदक मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को यह सब करने के लिए किस लिए मजबूर होना पड़ा,यह सब सारे देश को पता है और आप को देख के मुखिया हैं तो आप तक भी यह मामला पहुंचा होगा। मैं आपकेा घर की बेटी विनेश फोगाट हूं और एक साल से जिल हाल में हूं यह बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूं।
मैंने ओलंपिक मेडल जीतने का सपना देखा था
विनेश ने आगे लिखा मैंने ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना देखा था, लेकिन अब यह सपना भी धुंधला पड़ता जा रहा है। बस यही दुआ करूंगी कि आने वाली महिला खिलाड़ियों का यह सपना जरूर पूरा हो। हमारी जिंदगियां उन फैंसी विज्ञापनों जैसी बिल्कुल नहीं है। कुश्ती की महिला पहलवानों ने पिछले कुछ सालों में जो कुछ भोगा है उससे समझ आता ही होगा कि हम कितना घुट-घुटकर जी रही हैं।
अपने पुरस्कारों से घिन आने लगी
विनेश ने आगे लिखा बजरंग ने किस हालत में अपना पद्मश्री लौटाने का फैसला लिया होगा, मुझे नहीं पता। पर मैं उसकी वह फोटो देखकर अंदर ही अंदर घुट रही हूं। उसके बाद अब मुझे भी अपने पुरस्कारों से घिन्न आने लगी है। जब ये पुरस्कार मुझे मिले थे तो मेरी मां ने हमारे पड़ोस में मिठाई बांटी थी और मेरी काकी ताइयों को बताया था कि मेरी बेटी पुरस्कार लेते हुए कितनी सुंदर लग रही है।
