Muthulakshmi Reddy: सरकार गुरुवार को 'संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026' को एक बड़े सुधार के रूप में ला रही है। इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए एक विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 भी पेश करेगी। इन तीनों विधेयकों को लोकसभा की आज की कार्यवाही में सूचीबद्ध किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा। देश की महिलाओं को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगी तब विकसित भारत की यात्रा और अधिक सशक्त एवं तेज होगी। तो आइए ऐसे में जानते हैं कि देश की वो कौनसी महिलाएं रहीं, जिन्होंने संसद में तो आवाज उठाई ही, साथ ही देश में भी एक नई ऊर्जा भरी व अन्य महिलाओं में आत्मविश्वास जगाया?
कौन थीं भारत की पहली महिला MLA, जानें- भारतीय संसद में किन महिलाओं को रहा दबदबा?
भारत की पहली महिला विधायक
डॉ. एस. मुथुलक्ष्मी रेड्डी भारत की पहली महिला विधायक थीं, जिन्हें 1926 में मद्रास विधान परिषद में नामित किया गया था। रेड्डी ब्रिटिश भारत में पहली महिला विधायक और मद्रास प्रेसिडेंसी में पहली महिला मेडिकल ग्रेजुएट थीं। उन्होंने ब्रिटिश राज के भारत में महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने लिखा, 'मैं न तो कोई राजनेता थी और न ही मुझे राजनीति में कोई दिलचस्पी थी सिवाय उन मामलों के, जिनका सीधा संबंध महिलाओं के जीवन से था।'
मुथुलक्ष्मी रेड्डी का जन्म 1886 में पुदुकोट्टई रियासत में हुआ था। उनके पिता, एस. नारायणस्वामी अय्यर, जो एक ब्राह्मण थे, उनका विवाह चंद्रम्मल से हुआ था। चंद्रम्मल 'इसाई वेल्लालर' जाति से थीं।
राज्यसभा में नामित होने वाली पहली महिला
बात स्वतंत्रता के बाद की। फिर लोकसभा (निचला सदन) में चुनी गई पहली महिलाएं 1952 के आम चुनावों का हिस्सा थीं, जबकि रुक्मिणी देवी अरुंडेल 1952 में राज्यसभा (उच्च सदन) के लिए नामित होने वाली पहली महिला थीं। यह सही है कि 1952 के पहले आम चुनाव में कई महिलाएं चुनी गईं। लेकिन अगर 'पहली महिला सांसद' पूछा जाए, तो सुचेता कृपलानी और राजकुमारी अमृत कौर जैसी नेता शुरुआती प्रमुख महिला सांसदों में थीं। इसके अलावा भारतीय संसद में महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रमुख ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में जानते हैं।
-भारत की पहली महिला विधायक: डॉ. एस. मुथुलक्ष्मी रेड्डी (1926 में मद्रास विधान परिषद में नामित)
-भारत की पहली महिला मंत्री: राजकुमारी अमृत कौर, जिन्होंने 1947 से 1957 तक पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वह स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण नेता और महात्मा गांधी की करीबी सहयोगी थीं। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
-राज्यसभा के लिए नामित पहली महिला: रुक्मिणी देवी अरुंडेल (1952–1962)
-भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री: इंदिरा गांधी (1967 और 1980 में लोकसभा के लिए निर्वाचित)
-लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष (स्पीकर): मीरा कुमार (2009)
-भारत की पहली महिला राष्ट्रपति: प्रतिभा पाटिल (2007–2012)
