Who is Sukhwinder Singh Sukhu: सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री हैं। वह निचले हिमाचल इलाके के पहले कांग्रेस नेता हैं, जो सीएम बने। प्रेम कुमार धूमल के बाद वह हमीरपुर जिले के दूसरे ऐसे नेता हैं जो मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठे। रविवार (11 दिसंबर, 2022) को शिमला के रिज मैदान में उन्होंने राज्यपाल की मौजूदगी में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
58 साल के कांग्रेस के सीनियर नेता नदौन से विधायक हैं। उन्हें पार्टी दिग्गज दिवंगत नेता वीरभद्र सिंह का आलोचक माना जाता था, जिन्होंने पांच दशक से अधिक समय तक हिमाचल की पॉलिटिक्स पर दबदबा कायम रखा था। सिंह की करिश्माई मौजूदगी के बिना इस राज्य में पार्टी की पहली जीत के साथ सुक्खू को इस शीर्ष पद पर विराजमान करना यह स्पष्ट करता है कि पार्टी आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
हमीरपुर जिले के नदौन के तहत आने वाले Bhavarna गांव में 27 मार्च, 1964 को जन्में सुक्खू साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं। ऐसा बताया जाता है कि सुक्खू ने एक छात्र के नाते अपनी आय के पूरक के लिए कई नौकरियां की थीं। वह किसी समय छोटा शिमला इलाके में दूध की दुकान चलाते थे, जबकि उनके पिता रसिल सिंह सड़क परिवहन निगम में बस कंडक्टर थे। कांग्रेस से चार बार के विधायक सुक्खू छात्र राजनीति से उभरकर पार्टी में विभिन्न पदों पर रहते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।
मेरे जैसा एक बस कंडक्टर का बेटा आज हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बना, यही कांग्रेस और लोकतंत्र की ख़ासियत है !!शी… t.co/JumPK4JYVj
— ANI (@ANI) Dec 11, 2022
वह कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेन्ट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की राज्य इकाई के महासचिव थे, जबकि पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एमए और एलएलबी की थी। जमीनी स्तर पर काम करते हुए वह दो बार शिमला नगर निगम के पार्षद भी चुने गए।
एनएसयूआई से सियासी करिअर का आगाज करने वाले सुक्खू संगठन में कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने 2003 में नादौन से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2007 में सीट बरकरार रखी लेकिन 2012 में वह चुनाव हार गए थे।
साल 2013 में वह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने और 2019 तक इस पद पर रहे। उन्होंने पहली बार हमीरपुर जिले की नदौन विस सीट से चुनाव जीता। फिर वर्ष 2007 में भी वहीं से निर्वाचित हुए। हालांकि, आगे साल 2012 के विस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वैसे, 2017 और 2022 के विस चुनाव में उन्होंने फिर जीत हासिल की। (पीटीआई इनपुट्स के साथ)
