कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर शैक्षिक व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एमडीएमके नेता वाइको की पुस्तक ’वाइको इन पार्लियामेंट’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहास को कमजोर करने वाली है तथा इसी के विरोध में छात्र सड़कों पर उतरकर ’’भारत की अवधारणा’’ (आइडिया ऑफ इंडिया) की रक्षा कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कसा सरकार पर तंज। (फोटो- PTI)
हमारे देश में अजीब समय चल रहा- राहुल गांधी
विमोचन समारोह के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, "हमारे देश में अजीब समय चल रहा है। छात्र सड़कों पर हैं, वे दर्द में हैं। वे निष्पक्ष परीक्षाएं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री उन्हें माफ कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि उन्हें किसने यह अधिकार दिया कि वे भारत के भविष्य को माफ करें।"
RSS भारत को एकरूपता की पहचान में ढालने की कोशिश कर रहा
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, उनके सहयोगियों और खासकर आरएसएस की सोच के पीछे एक खतरनाक विचारधारा काम कर रही है। यह विचार भारत को उसकी विविधता के बजाय एकरूपता की पहचान में ढालने की कोशिश करता है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत अनेक संस्कृतियों, भाषाओं और इतिहासों का देश है तथा प्रत्येक राज्य को अपनी संस्कृति, भाषा और ऐतिहासिक पहचान को अभिव्यक्त करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, "हर राज्य को अपनी संस्कृति, अपना इतिहास और अपनी भाषा रखने का अधिकार है। लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जो तमिल, मराठी, बंगाली या केरल की संस्कृति और भाषाओं को समझते ही नहीं। वे कहते हैं कि इन सबका कोई महत्व नहीं है और केवल वही इतिहास और भाषा महत्वपूर्ण है जिसे RSS मानता है।"
आरएसएस भारत का इतिहास नहीं बदल सकता
राहुल ने कहा कि यह विचार भारत की विविध पहचान, भाषाओं और इतिहास को महत्वहीन मानता है, जबकि भारत ऐसा कभी स्वीकार नहीं करेगा। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र इसी कारण सड़कों पर हैं और वे अपने-अपने तरीके से भारत की विविध संस्कृति, भाषाओं और इतिहास की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस भारत का इतिहास नहीं बदल सकता तथा भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा भी रौंदे जाने को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब शिक्षा, परीक्षा प्रणाली और छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। छात्रों के प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी शोसल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर खासे एक्टिव हो गए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने एक वीडियो में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा अपशब्दों और अश्लील शब्दों के प्रयोग को लेकर उन्हें माफ करने की बात कही थी। जिसके बाद से विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर खुद पीएम को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन वे खुद छात्रों को माफ कर रहे हैं।
