भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए बांकीपुर विधानसभा सीट से अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' को चुनावी मैदान में उतारा है। वे जनसुराज के प्रशांत किशोर उर्फ पीके को टक्कर देंगे। गौरतलब है कि पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई है। ऐसे में इस सीट पर होने वाला उपचुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिष्ठा और संगठनात्मक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
अभिषेक कुमार सिन्हा
भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार की 182 बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार के नाम पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति में उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा की गई। बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण शहरी सीटों में मानी जाती है और लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। ऐसे में इस सीट पर होने वाला उपचुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
बिहार भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पार्टी ने अपनी पोस्ट में उन्हें शुभकामनाएं भी दी हैं। उन्होंने लिखा,'NDA समर्थित BJP उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई और शानदार जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।'
कौन हैं अभिषेक कुमार सिन्हा?
अभिषेक कुमार भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वह पूर्व पटना महानगर भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के अध्यक्ष रहे। साथ ही अभिषेक कुमार दो बार मंडल अध्यक्ष और मंडल मंत्री एवं महामंत्री के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। भाजपा युवा नेता कायस्थ समाज के सक्रिय सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।
प्रशांत किशोर ने भी पेश की है दावेदारी
वहीं, पटना की इस हाई प्रोफाइल सीट बांकीपुर से जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव लड़ने का भी एलान किया है। प्रशांत किशोर 11 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस पर पूरी तरह खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि वह बांकीपुर सीट से जीत दर्ज करते हैं, तो इससे बिहार में जन सुराज पार्टी और अधिक मजबूत होगी।
नामांकन प्रक्रिया शुरू
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई है। निर्वाचन आयोग की ओर से उपचुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की राजनीति का सबसे प्रतिष्ठित और बहुचर्चित मुकाबला माना जा रहा है।
क्या है इस सीट का सियासी महत्व?
बांकीपुर सीट के बहाने भाजपा 'कायस्थ किला' बचाने की रणनीति में जुटी है। बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों में शामिल पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है।
कायस्थ बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर भाजपा के संभावित उम्मीदवारों में इसी समुदाय के नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रो. रणवीर नंदन, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा और पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वर्तमान में रणवीर नंदन बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से उनकी लंबे समय से वैचारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी उनकी मजबूत दावेदारी की वजह माना जा रहा है।
