एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने एक इंटरव्यू के दौरान सनसनीखेज दावा किया है। प्रफुल्ल पटेल ने दावा किया है कि जब शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई थी, तब पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने पवार को एनडीए में शामिल होने का न्यौता दिया था, हालांकि तब पवार ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था।
जब कांग्रेस से अलग हुए थे शरद पवार
ये भी पढ़ें- 2024 की तस्वीर साफ, UP में सपा-कांग्रेस को झटका दे CM योगी के पास पहुंचे राजभर! गठबंधन पर बोले- कोई रोक नहीं
क्या था ऑफर
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद प्रफुल्ल पटेल ने शनिवार को कई खुलासे किए। मुंबई तक से बात करते हुए पटेल ने तब के राज खोले जब 1999 कांग्रेस से शरद पवार अलग हुए थे। पटेल ने कहा- "एनसीपी के कांग्रेस से अलग होने के बाद, वाजपेयी ने महाराष्ट्र में शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के साथ पवार को आने के लिए निमंत्रण दिया था।"
क्यों नहीं गए पवार
आगे पटेल ने कहा कि उस समय शरद पवार भले ही कांग्रेस से अलग हुए थे, उसी के खिलाफ लड़े थे, लेकिन बहुमत नहीं मिला था, पार्टी के नेता चाहते थे कि वो कांग्रेस के साथ ही रहें, इसलिए हम बीजेपी के साथ नहीं गए। उन्होंने कहा- "एनसीपी के भीतर राज्य के कई नेता कांग्रेस के साथ गठबंधन करने में सहज थे और नतीजतन, शरद पवार के कांग्रेस से हाथ मिलाने के फैसले से उन्हें बहुत फायदा हुआ।"
अभी क्या हैं हालात
अभी के समय में भी एनसीपी कांग्रेस के साथ है। लेकिन इन दोनों के साथ आज के समय में एक और पार्टी है, जो उस समय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ हुआ करता था। शिवसेना (उद्धव गुट) भी आज कांग्रेस-एनसीपी के साथ है और राज्य में सत्ता में भी रह चुका है। आगामी चुनाव भी ये तीनों पार्टियां एक साथ होकर लड़ने की तैयारी कर रही है।
