UP में सीट बंटवारे पर कांग्रेस का क्या है A, B, C फॉर्मूला? डील से पहले कैसे बयानों से सपा पर दबाव बना रही पार्टी

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी ने पूरे प्रदेश की 403 सीटों को तीन कैटेगरी में बांटा है - A, B और C। मकसद ये है कि बातचीत शुरू होने से पहले ही हर सीट पर संभावित उम्मीदवार और संगठनात्मक ताकत को परख लिया जाए, ताकि गठबंधन फाइनल होने पर पार्टी के पास उम्मीदवारों की कमी न रहे।

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 का मुकाबला शुरू होने से पहले ही, सहयोगी आपस में लड़ने लगे हैं।" कांग्रेस और सपा - दोनों बार-बार कहते हैं कि वो साथ चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ज़मीन पर तस्वीर कुछ और कहती है। नमस्कार दोस्तों, आज बात करते हैं 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन के भीतर बढ़ती तनातनी की। सूत्रों के मुताबिक अगले हफ्ते से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट-बंटवारे पर औपचारिक बातचीत शुरू होने जा रही है। बातचीत अक्टूबर में शुरू होने की उम्मीद है, हालांकि अंतिम फैसला दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व - राहुल गांधी और अखिलेश यादव - की मंज़ूरी के बाद ही होगा। ध्यान रहे, ये जानकारी पार्टी सूत्रों पर आधारित है, अभी तक किसी भी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर सीटों की संख्या पर बयान नहीं दिया है। यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, और इन्हीं 403 सीटों का बंटवारा अब गठबंधन के लिए सबसे बड़ा पेच बन गया है। चुनाव आयोग ने अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया, लेकिन चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने की उम्मीद है।

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यूपी में 2027 में होंगे विधानसभा चुनाव।

कांग्रेस की रणनीति: A, B, C

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी ने पूरे प्रदेश की 403 सीटों को तीन कैटेगरी में बांटा है - A, B और C। मकसद ये है कि बातचीत शुरू होने से पहले ही हर सीट पर संभावित उम्मीदवार और संगठनात्मक ताकत को परख लिया जाए, ताकि गठबंधन फाइनल होने पर पार्टी के पास उम्मीदवारों की कमी न रहे। कांग्रेस ने कैटेगरी A में 150 सीटें रखी हैं, और यही वो सीटें हैं जिन्हें पार्टी बातचीत में मांगने वाली है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वो अंतिम आंकड़ा 100 से नीचे नहीं जाने देना चाहते। यानी बातचीत में मोलभाव की गुंजाइश ज़रूर है, लेकिन एक न्यूनतम सीमा पहले से तय है।

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