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सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल में क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं? SC में प्रशासन ने दे दी एक-एक की लिस्ट

जोधपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने हलफनामे में कहा कि सोनम वांगचुक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें जेल नियमों के अनुसार सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रशासन ने दावा किया कि वांगचुक को परिवार और वकीलों से मिलने की अनुमति दी गई है तथा लैपटॉप की सुविधा भी प्रदान की गई है।

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जोधपुर जेल में बंद हैं सोनम वांगचुक

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिए गए लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल किया है। हलफनामा जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने दाखिल किया है जिसमें वांगचुक की हिरासत की स्थिति, स्वास्थ्य, आहार और मुलाकात संबंधी जानकारी दी गई है।

26 सितंबर को जोधपुर लाए गए थे वांगचुक

हलफनामे में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को जिला मजिस्ट्रेट, लेह द्वारा जारी आदेश दिनांक 26 सितंबर 2025 के तहत एनएसए में हिरासत में लिया गया था और उसी दिन रात 9 बजकर 15 मिनट पर उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में दाखिल किया गया। प्रदीप लखावत ने कहा कि वांगचुक को राजस्थान प्रिजन रूल्स 2022 के तहत सभी अधिकार दिए जा रहे हैं और उनकी हिरासत पूरी तरह नियमों के अनुरूप है।

सामान्य बैरक में रह रहे हैं वांगचुक

जेल अधीक्षक के अनुसार वांगचुक को 20×20 फीट की एक बैरक में रखा गया है, जो जेल के जनरल वार्ड का हिस्सा है। वे इस बैरक के एकमात्र कैदी हैं, लेकिन यह सोलिटरी कन्फाइनमेंट (एकांत कारावास) नहीं है। उन्हें वही सभी अधिकार प्राप्त हैं जो किसी भी सामान्य बंदी को होते हैं।

स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य

हलफनामे में बताया गया है कि वांगचुक का मेडिकल परीक्षण पहले 26 और 27 सितंबर को किया गया था, जिसमें उनकी सेहत पूरी तरह सामान्य पाई गई। इसके अलावा 3 अक्टूबर, 5 अक्टूबर, 10 अक्टूबर और 12 अक्टूबर 2025 को भी जेल मेडिकल ऑफिसर ने उनकी जांच की और हर बार वे स्वस्थ पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि वांगचुक को कोई पुरानी बीमारी नहीं है और वे किसी दवाई पर नहीं हैं।

नियमित आहार ले रहे हैं सोनम वांगचुक

जेल रिकॉर्ड के अनुसार वांगचुक रोजाना सुबह की चाय, नाश्ता, शाम की चाय और रात का खाना नियमित रूप से ले रहे हैं। हलफनामे में कहा गया कि किसी भी प्रकार की शिकायत कि उन्हें भोजन या चिकित्सा सुविधा नहीं दी जा रही, पूरी तरह भ्रामक और गलत है।

परिवार और वकील से हुई मुलाकातें

जेल प्रशासन ने बताया कि वांगचुक ने 28 सितंबर 2025 को 11 लोगों की सूची दी थी जिनसे वे मुलाकात करना चाहते थे। इस पर लेह के डीजीपी ने पहचान सत्यापित कर मुलाकात की अनुमति दी। इसके बाद 4 अक्टूबर को उनके वकील मुस्तफा हाजी और भाई त्सेतान दोरजे ने उनसे मुलाकात की। हलफनामे में यह भी बताया गया कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने 7 अक्टूबर और 11 अक्टूबर 2025 को उनसे मुलाकात की थी।

लैपटॉप की सुविधा दी गई

हलफनामे में कहा गया कि वांगचुक ने 10 अक्टूबर 2025 को जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर अपनी ओर से प्रतिवेदन तैयार करने के लिए लैपटॉप की मांग की थी। जेल नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होने के बावजूद अधीक्षक प्रदीप लखावत ने कहा हमने मानवीय दृष्टि से 12 अक्टूबर को एक लैपटॉप उपलब्ध कराया। इसके साथ ही सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी मुहैया कराई गई ताकि वे अपना प्रतिवेदन तैयार कर सकें।

गलत जानकारी फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण

हलफनामे में कहा गया कि वांगचुक द्वारा 13 अक्टूबर के शपथपत्र में कुछ ग़लत तथ्य पेश किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि वांगचुक को नियमित रूप से कानूनी सलाह मिल रही है और जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल के सभी नियमों का पूरी तरह पालन किया है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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