भारतीय जनता पार्टी को नया नेतृत्व मिलते ही संगठन में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभालते ही नितिन नवीन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। संगठन को मजबूत करने से लेकर आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति तक, पार्टी मुख्यालय में दिनभर मंथन का दौर चला। संकेत साफ हैं कि बीजेपी की नई राजनीतिक शुरुआत पश्चिम बंगाल से होगी।
बंगाल पर भाजपा का फोकस।
पार्टी मुख्यालय में चला दिनभर बैठकों का दौर
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी मुख्यालय में तीन चरणों में अहम बैठकें हुईं। पहले सत्र में औपचारिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, दूसरे सत्र में कोर टीम के साथ रणनीतिक चर्चा हुई, जबकि तीसरे सत्र में राज्यों के अध्यक्षों, संगठन मंत्रियों और चुनाव प्रभारियों के साथ अलग-अलग बैठकें की गईं। इन बैठकों में खासतौर पर चुनावी राज्यों पर फोकस किया गया।चुनावी राज्यों की तैयारियों पर लिया गया फीडबैक
बैठक के बाद बीजेपी महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी चुनावी राज्यों से संगठन और चुनावी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट ली है।जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति, बूथ मैनेजमेंट और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर व्यापक फीडबैक लिया गया।बूथ से लेकर मंडल तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठकों में बूथ और मंडल स्तर पर संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी समन्वय को धार देने पर विशेष चर्चा हुई। पार्टी ने तय किया है कि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।युवाओं को जोड़ने और ‘मन की बात’ को प्रभावी बनाने की रणनीति
युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को संगठनात्मक स्तर पर और प्रभावी तरीके से जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर भी मंथन हुआ।
