तेल संकट व सुरक्षा चुनौतियों के बीच केंद्र सक्रिय, IGOM गठित; राजनाथ सिंह करेंगे लीड, जानें और कौन-कौन शामिल?

ईरान-इजराइल युद्ध के बीच कई देशों में ईधन को लेकर अस्थिरता का माहौल है। भारत में भी पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैलने लगी हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। इस बीच, केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक गैर-औपचारिक मंत्री समूह (IGOM) बनाया है।

पश्चिम एशिया संघर्ष के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय तैयारी और समन्वय को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर कदम तेज कर दिए हैं। सरकार ने इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक गैर-औपचारिक मंत्री समूह (IGOM) बनाया है। इस समूह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और हरदीप पुरी जैसे वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। यह समूह युद्ध के आर्थिक, ऊर्जा-संबंधी और सुरक्षा प्रभावों पर लगातार समीक्षा करेगा।

​राजनाथ सिंह​

राजनाथ सिंह की अगुवाई में IGOM गठित।

पीएम मोदी ने की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग वार्ता

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गैर-चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर राज्यों की तैयारियों का आकलन किया। पीएम ने ‘टीम इंडिया’ भाव से सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट लंबे समय तक चल सकता है,इसलिए देश को कोविड काल की तरह ही एकजुट और सतर्क रहना होगा।

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