दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में पालतू कुत्तों के आतंक के मद्देनजर नोएडा प्राधिकरण ने अहम फैसले लिए हैं। गाइडलाइन के तहत अब शहर में बिना रजिस्ट्रेशन कुत्ता रखने पर दो हजार रुपए की पेनाल्टी लगेगी, जबकि पेट डॉगी के काटने के चलते अगर कोई जख्मी या चोटिल हुआ तब इस स्थिति में 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जानकारी नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) की सीईओ की ओर से दी गईं।
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शनिवार देर रात किए उनके ट्वीट्स के मुताबिक, आज प्राधिकरण की 207वीं बोर्ड की बैठक में आवारा/पालतू कुत्तों/पालतू बिल्लियों के लिए नोएडा प्राधिकरण की नीति निर्धारण के संबंध में निर्णय लिए गए। नोएडा क्षेत्र के लिए एनिमल वेल्फेयर बोर्ड ऑफ इण्डिया की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए प्राधिकरण की ओर से नीति निर्धारण किया गया है।
उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2023 तक पालतू कुत्तों/बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। पंजीकरण न कराने की दशा में जुर्माना लगाया जाएगा। पालतू कुत्तों के स्ट्रेलाइजेशन/एण्टीरेबीज वैक्सिनेशन की अनिर्वायता की गई है। उल्लंघन की स्थिति में (दिनांक 01.03.2023 से) हर महीने 2000 रुपए का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा- आरडब्लूए/एओए/ग्राम निवासियों की सहमति से बीमार/उग्र/आक्रामक हो चुके स्ट्रीट डॉग्स के लिे डॉग्स शेल्टर का निर्माण जिनके रख-रखाव का दायित्व संबंधित आरडब्लूए/ एओए का होगा।
आगे बताया गया- आउटडोर एरिया पर फीडिंग स्थल यथावश्यकता चिन्हीकरण जहां और खाने व पीने की व्यवस्था फीडर्स / आरडब्लूए/ एओए की ओर से ही की जाएगी। पालतू कुत्ते की तरफ से सार्वजनिक स्थल पर गंदगी किए जाने पर उसकी सफाई की जिम्मेदारी पशुपालक की होगी।
अगले ट्वीट में उनकी ओर से जानकारी दी गई कि पालतू कुत्ते/बिल्ली के कारण किसी अप्रिय घटना की स्थिति में 10,000 हजार रुपए आर्थिक दण्ड (दिनांक 01.03.2023 से) अधिरोपित किए जाने के साथ घायल व्यक्ति/जानवर का उपचार पालतू कुत्ते के मालिक की ओर से किया जाएगा।
