पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश संभावनाओं का राज्य बनकर उभरा है। बड़े-बड़े उद्योगपति यहां अपनी औद्योगिक इकाईयां लगा रहे हैं। छोटे और मझोले उद्योगों को भी राज्य सरकार की ओर से कई सुविधाएं दी जा रही हैं। औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से राज्य में तेज परिवहन की जरूरत और भी बढ़ गई है। तेज परिवहन की बात करें तो हवाई यातायात का कोई मुकाबला नहीं है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक लोग आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है।
देश में सबसे ज्यादा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में
10 एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा UP
उत्तर प्रदेश, देश में हवाई परिवहन के मामले में अलग ही उड़ान भर रहा है। राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के हर कोने में एक एयरपोर्ट शुरू करने के मिशन पर है। अभी राज्य में कुल 10 एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश के लोग उड़ान भर रहे हैं। बता दें कि यह संख्या देश में सबसे ज्यादा है। उत्तर प्रदेश से ज्यादा एयरपोर्ट देश के किसी भी अन्य राज्य में नहीं हैं। इन हवाई अड्डों से सिर्फ उत्तर प्रदेश के लोग ही उड़ान नहीं भर रहे हैं, बल्कि देश और दुनियाभर के लोगों के लिए यह UP में Investment और Tourismका गेटवे बन गए हैं।चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
उत्तर प्रदेश में न सिर्फ उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी यह राज्य बेहद खास है। उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या हो या शिव का काशी या फिर कुशीनगर, जो बौद्ध समुदाय के लिए खास तीर्थस्थल है। राज्य की राजधानी लखनऊ में राजनीतिक हलचल तो होती रहती है, साथ ही यह अपने में इतिहास को भी समेटे हुए है। इस लिहाज से राज्य में चार बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। उनके नाम हम यहां दे रहे हैं -- लखनऊ - चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
- वाराणसी - लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
- अयोध्या - महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
- कुशीनगर - कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
- आगरा
- कानपुर
- गोरखपुर
- प्रयागराज
- हिंडन
- बरेली
नोएडा में बन रहा सबसे बड़ा एयपोर्ट
ऐसा दिखेगा जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस साल यानी दिसंबर 2024 तक ऑपरेशनल हो जाएगा। बताया जा रहा है कि जब इस एयरपोर्ट का निर्माण पूरा हो जाएगा तो यह सिर्फ उत्तर प्रदेश और भारत ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यही नहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली के दबाव को भी कम करेगा। इसके अलावा भी उत्तर प्रदेश में कई डॉमेस्टिक एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। जिनमें अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती का नाम प्रमुख है। यही नहीं सोनभद्र, ललितपुर और झांसी जैसे कई जिलों को भी घरेलू हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार है।
इस तरह से देखें तो उत्तर प्रदेश उस सपने की उड़ान भर रहा है, जो यहां के करोड़ों लोगों के आंखों में पल रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि आने वाले समय में इन सपनों को और पंख लगें और राज्य, देश व दुनिया के एयर ट्रैफिक मैप पर अलग से दिखे।
