Uday Singh : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो गई है। उदय सिंह पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। पीके ने सोमवार को उदय सिंह के नाम की घोषणा की। उदय सिंह पूर्णिया से दो बार भाजपा के सांसद रह चुके हैं। उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह 2004 और 2009 में दो बार भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए लेकिन 2014 में वह इस सीट से हार गए। इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्णिया से उम्मीदवार बनाया था लेकिन फिर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
PK की राजपूत वोटरों पर नजर
उदय को 2024 में कांग्रेस से टिकट मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया।पप्पू सिंह इलाके के रसूखदार नेता माने जाते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में उनके लोग हैं। समझा जाता है कि उनके संपर्क में रहने वाले अन्य नेता भी जनसुराज पार्टी का दामन थाम सकते हैं। जानकारों का कहना है कि पप्पू सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर प्रशांत किशोर ने राज्य में राजपूत वोटरों को साधने की कोशिश की है।
राजनीतिक परिवार से आते हैं पप्पू सिंह
पप्पू सिंह राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनकी मां माधुरी सिंह कांग्रेस से दो बार सांसद रह चुकी हैं। जबकि पप्पू सिंह के बड़े भाई और आईएएस अधिकारी एनके सिंह राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं। उनकी बहन श्यामा सिंह औरंगाबाद से सांसद रह चुकी हैं। वहीं, उनके बहनोई निखिल कुमार सांसद और राज्यपाल रह चुके हैं।
सर्वसम्मति से जुना गया अध्यक्ष-पीके
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घोषणा करते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सांसद उदय सिंह को सर्वसम्मति से पार्टी का पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। किशोर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अब वह जनसंपर्क पर ध्यान केंद्रित करेंगे तथा संगठन चलाने की जिम्मेदारी उदय सिंह और आरसीपी सिंह जैसे लोगों को सौंपेंगे जो रविवार को पार्टी में शामिल हुए। उन्होंने कहा, ‘कल से बिहार में अपनी पदयात्रा फिर से शुरू कर सकता हूं।’
मनोज भारती को ‘कार्यकारी अध्यक्ष’बनाया
किशोर ने यह भी कहा कि उदय सिंह को इस उद्देश्य के लिए गठित समिति द्वारा ‘केवल बहुमत से नहीं, बल्कि सर्वसम्मति से चुना गया है।’ पिछले साल दो अक्टूबर को गठित जन सुराज पार्टी तभी से बिना किसी पूर्णकालिक अध्यक्ष के काम कर रही थी। किशोर ने साफ किया है कि वह अपने पास कोई पद नहीं रखेंगे। पार्टी की स्थापना के तुरंत बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी मनोज भारती को ‘कार्यकारी अध्यक्ष’बनाया गया था।
